धनबाद। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन ने सोमवार देर शाम समाहरणालय सभागार में संशोधित झरिया मास्टर प्लान की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) और झरिया पुनर्वास एवं विकास प्राधिकार (जेआरडीए) को निर्देश दिया गया कि भू-धंसान एवं अग्नि प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को निर्धारित योजना के अनुसार बेलगड़िया में शीघ्र पुनर्वासित किया जाए।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि पुनर्वास प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता जरूरी है। प्रभावित परिवारों को समय पर मुआवजा देने के साथ ही लीगल टाइटल होल्डर (एलटीएच) और नन-लीगल टाइटल होल्डर (नन एलटीएच) का पुनर्वास मास्टर प्लान के नियमों के अनुरूप किया जाए। बैठक में पुनर्वास से जुड़े विभिन्न पहलुओं—आवास आवंटन, वित्तीय सहायता, परिवहन, लॉजिस्टिक्स और विस्थापन के दौरान हर स्तर पर सहयोग—पर विस्तार से चर्चा हुई।
उपायुक्त ने कहा कि झरिया क्षेत्र की कई बस्तियां भूमिगत आग, जमीन धंसने और उससे उत्पन्न खतरों से प्रभावित हैं, ऐसे में लोगों की सुरक्षा के लिए पुनर्वास अत्यंत आवश्यक है।
बैठक में जेआरडीए द्वारा जानकारी दी गई कि बेलगड़िया में 3737 आवासों की गुणवत्तापूर्ण मरम्मत का कार्य जारी है। इसमें रूफ ट्रीटमेंट की 10 साल की वारंटी, बाथरूम और फर्श में नई टाइल्स, डिस्टेंपर पेंट, कंसील्ड वायरिंग और पीवीसी वॉटर टैंक की व्यवस्था शामिल है। कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए आईआईटी आईएसएम धनबाद द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है।
इसके अलावा बेलगड़िया में बुनियादी सुविधाओं के विकास पर भी जोर दिया जा रहा है। सुरक्षा के लिए टीओपी की स्थापना, विभिन्न फेज में रेजिडेंट वेलफेयर सोसाइटी का गठन, हैंडपंपों की मरम्मत, नए पंप सेट और बोरवेल की योजना, सड़कों का निर्माण एवं चौड़ीकरण, आंतरिक सड़कों की मरम्मत, आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन, हेल्थ सब सेंटर, शिकायत निवारण केंद्र और प्रशासनिक भवन का निर्माण शामिल है।
साथ ही रोजगार सृजन के लिए स्किल सेंटर, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, पेयजल व स्वच्छता, बिजली आपूर्ति, स्ट्रीट लाइट, विद्यालय, इलेक्ट्रिक बस व ई-रिक्शा संचालन तथा जन वितरण प्रणाली की दुकानों जैसी सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं।
बैठक में बीसीसीएल के निदेशक तकनीकी संजय कुमार सिंह सहित विभिन्न क्षेत्रों के महाप्रबंधक एवं जेआरडीए के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

