जमुई: वैवाहिक सीजन के बीच घरेलू गैस सिलेंडरों के अवैध उपयोग पर रोक लगाने के लिए जमुई जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। बिहार सरकार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के निर्देशों के तहत अब शादी-विवाह और अन्य मांगलिक कार्यक्रमों में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि घरेलू गैस का व्यावसायिक उपयोग न केवल आम उपभोक्ताओं के लिए किल्लत पैदा करता है, बल्कि यह कानूनन दंडनीय भी है। इसी को ध्यान में रखते हुए नई गाइडलाइन लागू की गई है, जिससे गैस की कालाबाजारी पर अंकुश लगाया जा सके और आपूर्ति व्यवस्था सुचारू बनी रहे।
नई व्यवस्था के तहत जिले के सभी कैटरर्स और रसोइयों को एक सप्ताह के भीतर इंडियन ऑयल (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) जैसी तेल कंपनियों के माध्यम से व्यावसायिक गैस श्रेणी में पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।
वहीं, जिन परिवारों में विवाह समारोह आयोजित होने वाले हैं, उन्हें अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) को आवेदन देना होगा। इस आवेदन के साथ शादी का निमंत्रण पत्र संलग्न करना जरूरी होगा, जिसमें मेहमानों की अनुमानित संख्या और आवश्यक व्यावसायिक सिलेंडरों की मांग का स्पष्ट उल्लेख करना होगा।
SDO द्वारा आवेदन की समीक्षा के बाद संबंधित तेल कंपनियों को सिलेंडर आवंटन का निर्देश दिया जाएगा। यह आवंटन उपलब्धता और मांग के आधार पर किया जाएगा, ताकि किसी भी परिवार को आयोजन के दौरान परेशानी न हो।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि आवंटित सिलेंडर केवल संबंधित वैवाहिक कार्यक्रम में ही उपयोग किए जा सकेंगे। आम लोगों से अपील की गई है कि वे नियमों का पालन करें और घरेलू गैस का दुरुपयोग न करें।
जिला प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि जिले में रसोई गैस का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की गई है।

