जिले में निजी विद्यालयों की मनमानी पर लगाम कसने के लिए आज उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में CBSE, ICSE और JAC से संबद्ध विद्यालयों के प्रधानाचार्य और प्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक में Right to Education Act (RTE) के सही क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया। इस दौरान नियमों की अनदेखी करने के आरोप में कई स्कूलों से जवाब-तलब भी किया गया।

बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने स्पष्ट कहा कि कोई भी निजी विद्यालय छात्रों और अभिभावकों के साथ नियमों की अनदेखी नहीं कर सकता। उन्होंने बताया कि Abua Jharkhand Portal पर री-एडमिशन से जुड़ी कई शिकायतें प्राप्त हो रही हैं।
उपायुक्त ने साफ निर्देश दिया कि स्कूल प्रबंधन एनुअल फीस या किसी अन्य नाम पर अतिरिक्त शुल्क नहीं ले सकते। साथ ही, छात्रों को स्कूल से ही पोशाक और पुस्तक खरीदने के लिए मजबूर करने की शिकायतों को भी प्रशासन ने गंभीरता से लिया है।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सभी निजी विद्यालयों को हर हाल में 20 अप्रैल तक पेरेंट्स-टीचर एसोसिएशन (PTA) का गठन करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा शुल्क निर्धारण समिति बनाने का भी प्रावधान लागू किया गया है।
उपायुक्त ने चेतावनी देते हुए कहा कि RTE के नियमों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

