डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले के सुदूर क्षेत्रों में रहने वाले आदिम जनजाति परिवारों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। केंद्र और राज्य सरकार के निर्देश पर आगामी 27 अप्रैल से 12 मई 2026 तक जिले में एक विशेष ‘एनटाइटलमेंट सर्वेक्षण’ चलाया जाएगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिले का एक भी आदिम जनजाति परिवार सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।
सर्वेक्षण की मुख्य बातें
अवधि: 27 अप्रैल से 12 मई 2026 तक।
लक्ष्य: PVTG परिवारों का 100% सरकारी योजनाओं से आच्छादन (सैचुरेशन)।
क्षेत्र: जिले के सभी 11 प्रखंड।
टीम: महिला विश्वविद्यालय की छात्राएं डोर-टू-डोर सर्वे करेंगी (धालभूमगढ़ में प्रखंड कर्मी संभालेंगे कमान)।
छात्राओं के जिम्मे सर्वे, अफसरों को निगरानी के निर्देश
इस बार सर्वेक्षण की जिम्मेदारी महिला विश्वविद्यालय की छात्राओं को सौंपी गई है। प्रशासन का मानना है कि इससे डेटा संग्रह में पारदर्शिता आएगी। उनकी मदद के लिए संबंधित प्रखंडों के बीडीओ, नोडल पदाधिकारी और प्रखंड कल्याण पदाधिकारियों को समन्वय की जिम्मेदारी दी गई है। पंचायत स्तर पर पंचायत सचिव और जनसेवकों को भी इस अभियान में सक्रिय रहने का आदेश है।
उपायुक्त की अपील: पारदर्शी हो प्रक्रिया
जिला उपायुक्त राजीव रंजन ने सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि यह सर्वे केवल कागजी न हो, बल्कि समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से संपन्न किया जाए। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य लक्षित लाभार्थियों को उनके अधिकार दिलाना है। इस अभियान की सफलता के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों और आम जनता का सहयोग अनिवार्य है।
क्यों खास है यह अभियान?
अक्सर जानकारी के अभाव या भौगोलिक दुर्गमता के कारण आदिम जनजाति के लोग पेंशन, राशन, स्वास्थ्य और आवास जैसी योजनाओं से छूट जाते हैं। यह 15 दिवसीय विशेष अभियान इन कमियों को दूर कर उनके ‘समग्र विकास’ का मार्ग प्रशस्त करेगा।

