डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: झारखंड में सक्रिय मानव तस्करों के मंसूबों पर पानी फेरते हुए पुलिस और रेलवे की संयुक्त टीम ने चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन पर एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। टीम ने स्टेशन से 6 नाबालिग बच्चियों को रेस्क्यू किया है, जिन्हें काम और बेहतर भविष्य का झांसा देकर दूसरे राज्यों में खपाने की तैयारी थी।
रेस्क्यू का पूरा घटनाक्रम
तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान जब संयुक्त टीम ने स्टेशन पर तलाशी ली, तो संदिग्ध हालत में बच्चियों का एक समूह मिला। 4 बच्चियों को आंध्र प्रदेश और 2 को बैंगलोर ले जाने की योजना थी। सभी बच्चियों की उम्र महज 14 से 16 वर्ष के बीच है। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि इन्हें सुनहरे भविष्य और अच्छी कमाई का लालच देकर बहलाया-फुसलाया गया था।
इन विभागों की रही संयुक्त कार्रवाई
यह सफल ऑपरेशन किसी एक टीम का नहीं, बल्कि कई विभागों के आपसी समन्वय का परिणाम रहा। चक्रधरपुर थाना प्रभारी अवधेश कुमार के नेतृत्व में इस टीम में रेलवे सुरक्षा बल व GRP, रेलवे चाइल्ड हेल्पलाइन व श्रम विभाग, चक्रधरपुर महिला थाना, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, कर्रा सोसायटी फॉर रूरल एक्शन (रांची) शामिल थे।
तस्करों की तलाश जारी, बच्चियों की होगी काउंसलिंग
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, छापेमारी की भनक लगते ही तस्कर मौके से फरार होने में सफल रहे, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। फिलहाल सभी बच्चियों को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है। बाल कल्याण समिति के निर्देश के अनुसार कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। बच्चियों की काउंसलिंग की जा रही है ताकि उनके पुनर्वास और शिक्षा की व्यवस्था की जा सके।
प्रशासन की जनता से अपील
मानव तस्करी समाज के लिए एक अभिशाप है। यदि आपको अपने आसपास या सफर के दौरान कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखे या कोई बच्चों को बहला-फुसलाकर ले जाता हुआ प्रतीत हो, तो तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 या नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचित करें।

