चीन के साथ संबंधों में आई गरमाहट! 82 माह बाद भारत दौरे पर आ सकते हैं राष्ट्रपति जिनपिंग

Reena Sharma
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साल 2020 की गलवां घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद भारत और चीन के रिश्तों अपने नीचले स्तर पर पहुंच गए थे। हालांकि, धीरे-धीरे रिश्ते पटरी पर लौट रही है। कूटनीतिक स्तर पर दोनों देशों के बीच बातचीत लगातार जारी है। कूटनीतिक बातचीत से ये साफ पता चल रहा है कि दोनों देश अपने रिश्तों को सुधारने की कोशिश कर रहे हैं। इसी कड़ी में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग इस साल भारत का दौरा कर सकते हैं।

गलवां विवाद के बाद पहली यात्रा

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग इस साल भारत की मेजबानी में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने आ सकते हैं। भारत इस साल ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है और चीन ने भारत की अध्यक्षता को पूरा समर्थन दिया है। ये दौरा कई मायनों में खास होगा, क्योंकि गलवां विवाद के बाद ये उनकी पहली भारत यात्रा होगी। इससे दोनों देशों के बीच बातचीत और विश्वास बहाली की कोशिशों को मजबूती मिल सकती है।

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2019 के अक्टूबर के बाद पहली भारत यात्रा

करीब 82 महीने के लंबे अंतराल के बाद चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के एक बार फिर भारत दौरे की संभावना जताई जा रही है। अगर यह दौरा होता है, तो यह 2019 के अक्टूबर के बाद उनकी पहली भारत यात्रा होगी, जब वे आखिरी बार आधिकारिक रूप से भारत आए थे।

भारत करेगा ब्रिक्स सम्मेलन की अध्यक्षता

भारत इस वर्ष ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहा है। इसी दौरान चीन ने भारत की भूमिका का समर्थन करते हुए सहयोग की इच्छा जताई है। दोनों देश इस मंच के जरिए वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर संवाद बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। हाल ही में हुई उच्च स्तरीय बातचीत में चीन ने भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता को अपना समर्थन दोहराया है, वहीं भारत ने भी सहयोगात्मक रुख अपनाते हुए ब्रिक्स ढांचे में चीन की भूमिका की सराहना की है। बीते 31 अगस्त 2025 को प्रधानमंत्री ने शंघाई सहयोग संगठन की चीन की अध्यक्षता और तियानजिन शिखर सम्मेलन के लिए भारत का समर्थन व्यक्त किया था। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति शी जिनपिंग को 2026 में भारत में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण भी दिया था। 

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