डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष से उपायुक्त राजीव रंजन द्वारा द्वारा एसडीओ, सभी बीडीओ, सीओ व नगर निकाय के पदाधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक की गई। उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान बैठक में उपस्थित रहे। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी बीडीओ, सीओ, सीडीपीओ व नगर निकायों के पदाधिकारी सप्ताह में कम-से-कम दो दिन अनिवार्य रूप से क्षेत्र भ्रमण करेंगे। भ्रमण के दौरान वे आमजनों की समस्याएं सुनेंगे तथा स्कूल, आंगनबाड़ी केन्द्र, स्वास्थ्य उपकेन्द्र सहित अन्य संस्थानों का निरीक्षण करेंगे।
बैठक में उपायुक्त ने विद्युत आपूर्ति की नियमित मॉनिटरिंग पर बल देते हुए निर्देश दिया कि हर दिन रात्रि 9 बजे तक यह रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए कि पिछले 24 घंटे में कितने घंटे बिजली आपूर्ति हुई। अगर किसी गांव या टोला में तीन घंटे से अधिक बिजली बाधित रही हो तो उसका स्पष्ट उल्लेख करते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
मनरेगा योजनाओं की समीक्षा के दौरान पाया गया कि कुछ गांवों में योजनाएं संचालित नहीं हैं। इस पर उपायुक्त ने निर्देश दिया कि प्रत्येक गांव में एक सप्ताह के भीतर कम-से-कम एक योजना प्रारंभ की जाए और अगले 15 दिनों में न्यूनतम पांच योजनाओं को क्रियान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित किया जाए।
स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने निर्देश दिया कि स्वास्थ्य उपकेन्द्रों में पदस्थापित व उपस्थित कर्मियों की संख्या का मिलान रजिस्टर से करते हुए रिपोर्ट दें। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि डॉक्टर व पारा-मेडिकल स्टाफ नियमित रूप से उपस्थित रहें और सभी आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हों। मरीजों से फीडबैक भी लिया जाए। आंगनबाड़ी केन्द्रों के निरीक्षण के दौरान पोषाहार वितरण की स्थिति की भी जानकारी लेने का निर्देश दिया गया। वहीं तीन वर्षों से कार्यरत विपत्र लिपिकों को एक सप्ताह के भीतर अन्य कार्यभार सौंपने का निर्देश दिया गया।
सभी सीओ को निर्देशित किया गया कि सरकार की योजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण व वन विभाग से समन्वय बनाकर फॉरेस्ट क्लीयरेंस की प्रक्रिया में तेजी लाएं। भूमि अधिग्रहण से संबंधित मुआवजा भुगतान को प्राथमिकता दें और अनुपयोगी भूमि के चिन्हांकन कर अभियान चलाते हुए संबंधित विभागों के समन्वय से म्यूटेशन सुनिश्चित करें। नगर निकायों को सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के तहत सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त ने सभी पदाधिकारियों को समय पर कार्यालय में उपस्थित रहने, बिना सूचना जिला से बाहर न जाने और कार्य में लापरवाही बरतने पर कठोर कार्रवाई की बात कही गई। उन्होंने निर्देश दिया कि नागरिकों से संवेदनशीलता के साथ व्यवहार करते हुए उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। इसके अलावा, कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट से संबंधित लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित करने और जाति, आय सहित अन्य प्रमाण पत्रों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि वे स्वयं प्रखंड क्षेत्रों का औचक निरीक्षण करेंगे और कार्यों की प्रगति की समीक्षा करेंगे।

