डीसी का सख्त रुख: जनशिकायत निवारण में कोताही बर्दाश्त नहीं, मौके पर ही निपटाई फाइलें

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में आयोजित जनशिकायत निवारण दिवस में उपायुक्त राजीव रंजन ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता पूर्वक सुना। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी व्यक्तिगत, सामाजिक व जनहित की समस्याओं से संबंधित आवेदन समर्पित किए।

जनशिकायत निवारण दिवस में प्राप्त आवेदनों में जमीन विवाद, बीपीएल कोटा के तहत स्कूल में नामांकन, जाति प्रमाण पत्र निर्गत करने, मइयां सम्मान योजना का लाभ दिलाने, सार्वजनिक नाला निर्माण, अवैध कार्यो की शिकायत, फीस माफी, झारखंड आंदोलनकारियों के सामाजिक सुरक्षा से संबंधित ज्ञापन, फायर वर्क्स लाइसेंस, घरेलू विवाद, पारिवारिक प्रताड़ना, सोसायटी में पेयजल, बिजली व सुरक्षा व्यवस्था, म्यूटेशन, सेवानिवृत्ति लाभ, राशन कार्ड, पार्किंग अलॉटमेंट और ऋण संबंधी मामले शामिल रहे।

उपायुक्त ने सभी आवेदनों पर संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए साफ कहा कि हर आवेदन का निष्पादन समयबद्ध व पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि संवेदनशील मामलों को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए कार्रवाई करें ताकि आवेदकों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़े। इस दौरान कई मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए ऑन द स्पॉट समाधान भी किया गया, जिससे उपस्थित लोगों ने संतोष व्यक्त किया।

उपायुक्त ने कहा कि जनशिकायत निवारण दिवस का उद्देश्य आम जनता को उनकी समस्याओं के समाधान के लिए एक सुलभ मंच उपलब्ध कराना है और प्रशासन इस दिशा में पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहा है। उन्होंने नागरिकों को आश्वस्त किया कि प्राप्त सभी आवेदनों की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी और संबंधित विभागों द्वारा निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि लंबित मामलों की समीक्षा कर शीघ्र निष्पादन किया जाए।

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