बिहार में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली पहली सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार गुरूवार को हुआ। जिसके बाद मंत्रियों के विभागों का बंटवारा भी कर दिया गया है। सीएम सम्राट चौधरी अपने पास गृह विभाग, सामान्य प्रशासन, मंत्रिमंडल सचिवालय, निगरानी, निर्वाचन, सिविल विमानन और ऐसे सभी विभाग जो किसी को आवंटित नहीं है रखे हैं। वहीं, निशांत कुमार को स्वास्थ्य विभाग तो विजय सिन्हा को कृषि मंत्रालय दिया गया है।
निशांत को स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी
मंत्रिमंडल विस्तार में सबसे अधिक चर्चा पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार की रही, जिन्हें स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। निशांत पहली बार मंत्री बने हैं और फिलहाल किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं।
विजय कुमार सिन्हा को कृषि विभाग की जिम्मेदारी
विभागों के बंटवारे के अनुसार, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी को जल संसाधन और संसदीय कार्य विभाग सौंपा गया है, जबकि उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव को वित्त तथा वाणिज्य-कर विभाग मिला है। पूर्व उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा को कृषि विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।
पहली बार मंत्री बने मिथिलेश तिवारी को शिक्षा विभाग
भारतीय जनता पार्टी कोटे से पहली बार मंत्री बने मिथिलेश तिवारी को शिक्षा विभाग दिया गया है। सूची के अनुसार, श्रवण कुमार को फिर से ग्रामीण विकास और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग दिया गया है। डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग सौंपा गया है। लेशी सिंह को भवन निर्माण और राम कृपाल यादव को सहकारिता विभाग की जिम्मेदारी मिली है। नीतीश मिश्रा को नगर विकास एवं आवास विभाग के साथ सूचना प्रौद्योगिकी विभाग का भी प्रभार दिया गया है।
32 चेहरों ने मंत्री पद की शपथ ली
कैबिनेट में एनडीए के 32 चेहरों ने मंत्री पद की शपथ ली। भाजपा से 15, जद-यू से 13, एलजेपीआर से दो, हम और आरएलएम से एक-एक मंत्री को कैबिनेट में जगह मिली। इस कैबिनेट विस्तार में जातीय संतुलन एवं समीकरण का विशेष ध्यान रखा गया है। नए मंत्रिमंडल में सवर्ण, ओबीसी, दलित, मुस्लिम और अति दलित चेहरों को शामिल किया गया है।

