पश्चिम बंगाल की राजनीति में अभूतपूर्व बदलाव देखने को मिला है। राज्यपाल आर.एन. रवि द्वारा लिए गए एक बड़े फैसले के बाद राज्य में सत्ता संतुलन पूरी तरह बदल गया है। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा इस्तीफा देने से इनकार करने के बाद यह कड़ा कदम उठाया गया है।
⚖️ संविधान के तहत लिया गया बड़ा फैसला
सूत्रों के अनुसार राज्यपाल ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 174(2)(b) के तहत प्राप्त शक्तियों का उपयोग करते हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा को भंग करने का आदेश जारी किया है। यह आदेश 6 मई 2026 को जारी विशेष गजट अधिसूचना संख्या 275-P.A./1L-03/2026 में प्रकाशित किया गया बताया जा रहा है। संसदीय कार्य विभाग के निर्देश के अनुसार 7 मई 2026 से विधानसभा को औपचारिक रूप से भंग माना जाएगा।
🏛️ 17वीं विधानसभा का कार्यकाल समाप्त
इस निर्णय के साथ ही 17वीं विधानसभा का कार्यकाल समाप्त हो गया है। अब नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के साथ 18वीं विधानसभा के गठन का रास्ता पूरी तरह से खुल गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह कदम संवैधानिक परंपरा के तहत लिया गया है, जिसमें चुनाव के बाद नई सरकार के कार्यभार संभालने से पहले पुरानी विधानसभा को भंग किया जाता है।
🔥 चुनाव परिणाम और राजनीतिक पृष्ठभूमि
चुनाव परिणामों को लेकर यह दावा किया जा रहा है कि भारतीय जनता पार्टी ने 293 सीटों में से 207 सीटों पर जीत हासिल कर बहुमत प्राप्त किया है। वहीं लंबे समय से सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा है और वह सत्ता से बाहर हो गई है। इस हार के बाद राज्य की राजनीति पूरी तरह बदल गई है।
⚠️ ममता बनर्जी के इस्तीफे से इनकार का विवाद
रिपोर्ट्स के अनुसार चुनाव परिणामों के बाद ममता बनर्जी ने लगभग 100 सीटों पर “वोट चोरी” का आरोप लगाया और मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था। इसी राजनीतिक तनाव के बीच विधानसभा भंग किए जाने के फैसले ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। अब उनके मुख्यमंत्री पद को स्वतः समाप्त माना जा रहा है।
🗳️ नई सरकार गठन की तैयारी तेज
इधर भाजपा खेमे में नई सरकार गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। केंद्रीय नेतृत्व की सक्रियता बढ़ गई है और नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक बुलाई जा रही है, जिसमें विधायक दल के नेता का चयन किया जाएगा। इसके बाद नई सरकार के शपथ ग्रहण की औपचारिक प्रक्रिया शुरू होगी।
🎤 भव्य शपथ ग्रहण समारोह की तैयारी
सूत्रों के मुताबिक 9 मई को कोलकाता के ब्रिगेड मैदान में भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की संभावना है। साथ ही कई भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी इस समारोह में मौजूद रह सकते हैं।
🔒 सुरक्षा के कड़े इंतजाम
इस बड़े राजनीतिक आयोजन को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। SPG, कोलकाता पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों को तैनात करने की तैयारी है। ब्रिगेड मैदान और आसपास के इलाकों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाएगी।

