भारत में ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक आज से, पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच बेहद अहम है ये सम्मेलन

Neelam
By Neelam
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ऐसे समय में जब पूरी दुनिया ईरान जंग की आग में झुलस रही है, भारत में आज से ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक होने जा रही है। बैठक में शामिल होने के लिए दुनिया के कई प्रमुख देशों के शीर्ष नेता भारत पहुंच चुके हैं। शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने वाले प्रतिनिधि अपने राष्ट्रीय राजधानी दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगे।

भू-राजनीतिक तनाव जैसे मुद्दों पर चर्चा

विदेश मंत्रालय ने कहा कि ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक 14 और 15 मई को तय है और इसकी अध्यक्षता भारत कर रहा है। एमईए के अनुसार, चर्चाओं का मुख्य केंद्र प्रमुख क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रम, सदस्य देशों के बीच बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करना और बदलती भू-राजनीतिक वास्तविकताओं को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय शासन संरचनाओं में सुधार को आगे बढ़ाना होगा। 

पश्चिम एशिया संकट पर होगा फोकस

ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में पश्चिम एशिया संकट और होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से वैश्विक ऊर्जा सप्लाई पर पड़ रहे असर को लेकर मुख्य रूप से चर्चा हो सकती है। ईरान ने ब्रिक्स के मौजूदा अध्यक्ष भारत से आग्रह किया था कि वह संघर्ष रोकने में अपनी स्वतंत्र भूमिका का उपयोग करे। इस बैठक के लिए ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची दिल्ली पहुंच चुके हैं। अमेरिका-इजराइल से युद्ध छिड़ने के बाद उनकी यह पहली भारत यात्रा है।

शिखर सम्मेलन के एजेंडे के लिए महत्वपूर्ण है यह मीटिंग

यह भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत पहली बड़ी मंत्रीस्तरीय बैठक होगी। माना जा रहा है कि यह इस साल अंत में होने वाले ब्रिक्स नेताओं के शिखर सम्मेलन के एजेंडे को तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

ब्रिक्स समूह का तेजी से विस्तार हुआ

इस बार की बैठक इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि हाल के वर्षों में ब्रिक्स समूह का तेजी से विस्तार हुआ है। मूल सदस्य देशों ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के अलावा अब मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देश भी इस मंच का हिस्सा बन चुके हैं। इसके चलते ब्रिक्स को ‘ग्लोबल साउथ’ की मजबूत आवाज के रूप में देखा जा रहा है।

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