डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: जमशेदपुर के चर्चित एग्रिको ट्रिपल मर्डर केस में पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। कोर्ट ने हत्या के मुख्य आरोपी रविंद्र प्रसाद सिंह का लाई डिटेक्टर (झूठ पकड़ने वाला) टेस्ट कराने की अनुमति दे दी है। सिदगोड़ा थाना पुलिस ने इस टेस्ट के लिए कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया है। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस अब आरोपी को रांची ले जाकर इस टेस्ट को पूरा कराएगी। इसके साथ ही कोर्ट ने जेल प्रशासन को निर्देश दिया है कि सदर अस्पताल के मनोचिकित्सक से आरोपी रविंद्र सिंह की मानसिक जांच भी कराई जाए।
इस वजह से किया था खूनी खेल, पुलिस पूछताछ में बड़ा खुलासा
पुलिस की कड़ी पूछताछ में आरोपी रविंद्र प्रसाद सिंह ने उस खौफनाक रात की पूरी कहानी बयां की है। आरोपी ने बताया कि यह पूरा विवाद इन्वेस्टमेंट को लेकर शुरू हुआ था।
10 मई की रात: रविंद्र का अपनी पत्नी सरिता देवी के साथ इन्वेस्टमेंट को लेकर तीखा विवाद हुआ था।
11 मई की सुबह: सुबह एक बार फिर इसी बात को लेकर दोनों के बीच बहस बढ़ गई।
आवेश में आकर हमला: बहस इतनी बढ़ गई कि रविंद्र ने आपा खो दिया और घर में रखी कुल्हाड़ी से पत्नी के सिर पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। वार इतना जोरदार था कि पत्नी सीधे जमीन पर गिर पड़ी।
साक्ष्य मिटाने और पकड़े जाने के डर से बच्चों को भी मार डाला
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि रविंद्र सिंह ने सिर्फ पत्नी की ही नहीं, बल्कि गुस्से में आकर अपने बेटे और बेटी की भी बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस के मुताबिक पत्नी पर हमला करने के बाद उसने लगातार वार कर उसकी जान ले ली। इसके बाद उसे लगा कि अगर बच्चे बच गए तो वो गवाही दे देंगे या मामला खुल जाएगा, इसी डर से उसने बाकी दोनों (बेटे और बेटी) को भी मौत के घाट उतार दिया। फिलहाल पुलिस को इस पूरे मामले में विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।

