पश्चिम बंगाल के आसनसोल में रेलपार स्थित जहांगीरी मोहल्ला पुलिस चौकी में हुई तोड़फोड़ और हिंसा के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। सरकार ने साफ संदेश दिया है कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा और उनसे एक-एक रुपये की भरपाई कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी के निर्देश के बाद पुलिस-प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। मंगलवार को आसनसोल उत्तर थाना क्षेत्र के रेलपार इलाके में पुलिस द्वारा माइकिंग अभियान चलाया गया और जगह-जगह पोस्टर लगाकर लोगों को चेतावनी दी गई कि सरकारी संपत्ति को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि दोषियों से सामूहिक क्षतिपूर्ति वसूली जाएगी।
बताया गया कि 15 मई की रात हुई हिंसा के दौरान पुलिस चौकी में भारी तोड़फोड़ की गई थी। इसके बाद अब वेस्ट बंगाल मेंटेनेंस ऑफ पब्लिक ऑर्डर एक्ट के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पोस्टरों के माध्यम से स्थानीय लोगों से घटना से जुड़ी जानकारी देने और जांच में सहयोग करने की अपील भी की गई है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार मामले में अब तक 31 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है।
डॉ. प्रवीण कुमार ने बताया कि सरकारी संपत्ति को हुए नुकसान का विस्तृत मूल्यांकन कराया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद दोषियों से पूरी क्षतिपूर्ति वसूल की जाएगी।
मंगलवार को पुलिस आयुक्त ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर पूरे मामले की समीक्षा की और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। प्रशासन की सख्ती के बाद पूरे रेलपार इलाके में पुलिस निगरानी बढ़ा दी गई है, जिससे इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।

