डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: शहर का प्रतिष्ठित महात्मा गांधी मेमोरियल अस्पताल परिसर मंगलवार की देर रात अचानक रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। अस्पताल के थाना क्षेत्र में स्थित इस परिसर में डिलीवरी बॉयज और मेडिकल स्टूडेंट्स के बीच मामूली बात को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते एक हिंसक झड़प में बदल गया। घटना के बाद परिसर में भारी तनाव फैल गया, जिसके बाद हालात को काबू में करने के लिए पुलिस बल को तैनात करना पड़ा।
इस पूरी घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पताल परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था और वहां देर रात होने वाली आवाजाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार मंगलवार देर रात ‘ब्लिंकिट’ और ‘बिग बास्केट’ से जुड़े कुछ डिलीवरी बॉयज अस्पताल परिसर में ऑर्डर डिलीवर करने पहुंचे थे। इसी दौरान वहां मौजूद मेडिकल छात्रों और डिलीवरी बॉयज के बीच किसी बात को लेकर बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट होने लगी। घटना की खबर फैलते ही दोनों ही पक्षों के समर्थन में बड़ी संख्या में बाहरी युवक और छात्र अस्पताल परिसर में जुटने लगे, जिससे माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया।
दोनों पक्षों के दावे: आरोप-प्रत्यारोप का दौर
इस हिंसक झड़प के बाद दोनों ही पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनमें भारी विरोधाभास देखने को मिल रहा है।
डिलीवरी बॉय कुंदन कुमार का आरोप: डिलीवरी देकर लौटते समय कुछ लड़कों और एक लड़की ने उन्हें जबरन रोका। उन पर लड़की को गलत नीयत से देखने का झूठा आरोप लगाया गया। इसके बाद उनके और उनके साथियों के साथ बेरहमी से मारपीट की गई और पैसे भी छीन लिए गए।
मेडिकल छात्र विशाल का पलटवार: एक ही बाइक पर सवार होकर तीन युवक अस्पताल परिसर में आए थे और उन्होंने वहां खड़ी मेडिकल छात्राओं पर आपत्तिजनक कमेंट कसे। जब छात्रों ने इसका विरोध किया, तो विवाद बढ़ गया। छात्रों ने डिलीवरी बॉयज द्वारा लगाए गए पैसे छीनने के आरोपों को पूरी तरह से गलत और निराधार बताया है।
पुलिस की कार्रवाई और वर्तमान स्थिति
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शांत कराया। अस्पताल परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है ताकि दोबारा कोई अप्रिय घटना न हो। पुलिस प्रशासन का कहना है कि दोनों पक्षों के दावों की गंभीरता से जांच की जा रही है। सच्चाई का पता लगाने के लिए अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है। जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

