डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: जुगसलाई में कपड़ा शोरूम के मालिक से रंगदारी वसूलने और इलाके में खौफ पैदा करने की नीयत से ताबड़तोड़ फायरिंग करने वाले मनीष सिंह गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए गिरोह के छह खूंखार अपराधियों को हथियारों के जखीरे के साथ धर दबोचा है। बुधवार को सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया।
बाल-बाल बचे थे कारोबारी दिनेश बेरिया
मामले का खुलासा करते हुए सिटी एसपी ललित मीणा ने बताया कि यह सनसनीखेज वारदात 15 मई की दोपहर को हुई थी। जुगसलाई नगर परिषद बाजार स्थित यूनिक कलेक्शन नामक कपड़े के शोरूम में अपराधियों ने घुसकर अचानक फायरिंग शुरू कर दी थी। इस जानलेवा हमले में शोरूम के मालिक दिनेश बेरिया बाल-बाल बच गए थे। जांच में यह बात सामने आई कि शोरूम मालिक से रंगदारी मांगी गई थी और रकम न मिलने पर इलाके में अपना वर्चस्व कायम करने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया गया था।
सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी सर्विलांस से जाल में फंसे अपराधी
फायरिंग की घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। पुलिस की स्पेशल टीम ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी जांच (सर्विलांस) का सहारा लिया। इसके बाद पुलिस ने सटीक लोकेशन पर छापेमारी कर बर्मामाइंस थाना क्षेत्र के रेलवे यार्ड से 5 अपराधियों को दबोचा। जुगसलाई के पवट मोहल्ला से 1 आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक इस पूरे गैंग का सरगना मनीष सिंह पिछले दो महीनों से जेल में बंद है, लेकिन उसके गुर्गे बाहर रंगदारी और दहशत फैलाने का धंधा चला रहे थे।
अपराधियों के पास से क्या-क्या हुआ बरामद?
गिरफ्तार किए गए शूटर्स के पास से पुलिस ने भारी मात्रा में अवैध हथियार और अन्य सामान बरामद किए हैं। 4 अवैध देसी पिस्तौल, 5 जिंदा कारतूस, 3 खाली मैगजीन, 1 खोखा, वारदात में इस्तेमाल की गई कार, 6 मोबाइल फोन। पुलिस की गिरफ्त में आए छह आरोपियों में से चार का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और उनके खिलाफ पहले से ही कई थानों में गंभीर मामले दर्ज हैं। गिरफ्तार आरोपियों में अभिषेक श्रीवास्तव उर्फ आर्यन, राहुल कुमार उर्फ राहुल सिंह उर्फ बड़कू, हरप्रीत सिंह भामराह उर्फ हैप्पी, राहुल सिंह उर्फ गेटलु, अंकित सोनकर उर्फ अंकित खटीक, बानेश्वर नामता शामिल है। पुलिस ने बताया कि पूछताछ में सभी आरोपियों ने शोरूम में फायरिंग करने की बात कबूल कर ली है। अब पुलिस इस गिरोह के पूरे नेटवर्क और इन्हें बैक-सपोर्ट देने वाले अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है ताकि जमशेदपुर से इस गैंग का पूरी तरह सफाया किया जा सके।

