बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में मिली हार के बाद अब जन सुराज के मुखिया प्रशांत किशोर ने अपना घर छोड़ दिया है। उन्होंने पटना की सीमा पर स्थित एक आश्रम में अपना ठिकाना बनाया है। प्रशांत किशोर ने तय किया है कि अगले पांच साल तक वहीं रहेंगे, यानी जब तक बिहार में बदलाव नहीं हो जाता, तब तक वे वहीं रहेंगे।
विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद बड़ा फैसला
बिहार विधानसभा चुनाव 2026 में मिली हार के बाद अब जन सुराज के मुखिया प्रशांत किशोर ने बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने तय किया है कि अब वह पटना की सीमा पर स्थित एक आश्रम में अपना ठिकाना बनाएंगे और अगले पांच साल तक वहीं रहेंगे।
‘मिशन 2031’ का आश्रम से होगा संचालन
48 वर्षीय राजनीतिक रणनीतिकार और नेता प्रशांत किशोर ने मंगलवार (19 मई) की रात को ही उन्होंने अपना आवास छोड़ दिया था। अब, जब तक उनकी पार्टी जन सुराज बिहार विधानसभा चुनाव 2031 में खुद को ठीक से स्थापित नहीं कर लेती, तब तक प्रशांत किशोर एक आश्रम में रहने वाले हैं।
बिहार नवनिर्माण आश्रम में आश्रय
पीके अब आईआईटी-पटना के पास स्थित बिहार नवनिर्माण आश्रम में अब आश्रय ले रहे हैं, जो अगले पांच साल तक उनका घर होगा। इसी के साथ प्रशांत किशोर ने उम्मीद जताई कि अगले विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी जन सुराज बिहार की जनता पर सकारात्मक प्रभाव बना पाएगी। बता दें कि प्रशांत किशोर इससे पहले पटना एयरपोर्ट के पास स्थित ‘शेखपुरा हाउस’ से अपनी राजनीतिक गतिविधियां चला रहे थे। यह बंगला जन सुराज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व सांसद उदय सिंह के परिवार का है।

