केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी को सोशल मीडिया पर धमकी देने वाले युवक को गिरफ्तार कर लिया है। गयाजी के एसएसपी सुशील कुमार ने पुष्टि कर दी है। इस युवक ने अभद्र भाषा के साथ जातिसूचक शब्दों के साथ केंद्रीय मंत्री को धमकी दी थी।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था धमकी भरा वीडियो
सोशल मीडिया पर एक वीडियो के जरिए आरोपी राजेश राव नाम के युवक ने केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक, अभद्र और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए उन्हें खुलेआम गाली दी थी। युवक ने कहा था कि समधिनिया पर हुआ है और तोहरो पर होगा। यह वीडियो बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सामने आया था।
साजिश के एंगल से जांच कर रही पुलिस
पुलिस अब इस बात की जांच में जुटी है कि आरोपी का किसी राजनीतिक संगठन या व्यक्ति से संबंध तो नहीं है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि उसने किसी के बहकावे में आकर धमकी भरा वीडियो वायरल किया था या नहीं।
ऐसे शुरू हुआ मामला
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की समधन और ‘हम’ (हम) पार्टी की बाराचट्टी से विधायक ज्योति मांझी के काफिले पर गया जिले के मोहनपुर प्रखंड के गंभीरा गांव के पास हमला हुआ था। घटना उस समय हुई जब विधायक एक सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होने जा रही थीं। रास्ते में सिंगल और कच्ची सड़क पर एक सवारी गाड़ी (बोलेरो) के सामने आ जाने से साइड देने को लेकर विवाद शुरू हो गया। बात इतनी बढ़ गई कि बोलेरो सवार युवकों ने आपा खो दिया और विधायक ज्योति मांझी के साथ बदसलूकी व गाली-गलौज करने लगे। जब उनके सुरक्षा गार्ड और बेटे ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो उपद्रवियों ने उनके साथ भी जमकर हाथापाई की और सुरक्षाकर्मी को पीटा। कुछ लोग विधायक को गाड़ी से उतारने की कोशिश भी कर रहे थे और सड़क निर्माण को लेकर गुस्सा जता रहे थे।
जीतन राम मांझी ने दारोगा का दिया था अल्टीमेटम
इस मामले में विधायक की शिकायत पर 7 नामजद और 15-20 अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया गया, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी पलटू यादव सहित 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। जिसके बाद जीतन राम मांझी ने मोहनपुर थाने के दारोगा को सात दिनों के भीतर हटाने का अल्टीमेटम दिया। मांझी ने कहा था कि वो दारोगा के नहीं हटने के बाद डीएम और एसपी के आवास का घेराव करेंगे। इसी के विरोध में युवक ने मांझी के लिए धमकी भरा वीडियो पोस्ट किया था।

