बिहार सरकार ने विधानसभा के अधिकारियों-कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। विधानसभा के अधिकारियों और कर्मचारियों की सुविधा के लिए पटना में जल्द ही बसों का संचालन शुरू किया जाएगा लिए। पटना के तीन रूटों पर पिंक, ग्रीन एवं इलेक्ट्रिक बसें चलेंगी। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार और परिवहन मंत्री दामोदर रावत के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक में इस पर सहमति बनी।
कर्मचारियों को आवागमन में होगी सुविधा
इस पहल का उद्देश्य विधानसभा कर्मचारियों के लिए दैनिक आवागमन सुविधाओं में सुधार करना है। यह प्रस्ताव विधानसभा सचिवालय द्वारा रखा गया था, जिसने पटना के प्रमुख आवासीय और प्रशासनिक क्षेत्रों में समर्पित बस सेवा की मांग की थी। परिवहन सचिव राज कुमार ने शुक्रवार को बैठक को सूचित किया कि विभाग पहले से ही सचिवालय के कर्मचारियों के लिए विभिन्न मार्गों पर छह इलेक्ट्रिक बसें और पांच गुलाबी बसें चला रहा है, और नई व्यवस्था से विधान सभा के कर्मचारियों को भी सुविधा मिलेगी।
वैश्विक ऊर्जा संकट को देखते हुए बड़ी पहल
बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि उन्होंने वैश्विक ऊर्जा संकट को देखते हुए और प्रधानमंत्री के पेट्रोल-डीजल की खपत घटाने व सार्वजनिक वाहनों को बढ़ावा देने के आह्वान पर यह कदम उठाया गया है। साथ ही इसका उद्देश्य पटना में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के विस्तार को समर्थन देना है।
इन रूटों पर चलेंगी बसें
कर्मचारियों की सुविधा के लिए तीन रूटों पर बसें चलाई जाएंगी। पहला मार्ग एम्स से फुलवारीशरीफ, अनीसाबाद, चितकोहरा, कच्ची तालाब, गर्दनीबाग और मीठापुर है जहां से होते हुए बसों का परिचालन बिहार विधानमंडल सचिवालय तक की जाएंगी। दूसरा मार्ग सगुना मोड़ से आरपीएस मोड़, गोला रोड, जगदेव पथ, आशियाना मोड़, रामनगरी, राजीवनगर थाना, राजवंशी नगर और शास्त्री नगर का है जहां से होते हुए बिहार विधानमंडल सचिवालय तक बसें जाएंगी। वहीं तीसरा मार्ग धनकी मोड़ से कुम्हरार, भूतनाथ मोड़, एनएमसीएच, राजेंद्र नगर टर्मिनल, कंकड़बाग कॉलोनी मोड़, करबिगहिया, आर ब्लॉक है, जहां से होते हुए बसें बिहार विधानमंडल, निर्वाचन आयोग एवं विकास भवन तक जाएंगी।

