डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : जिले के बेरोजगार युवाओं और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। समाहरणालय में श्रम, नियोजन और कौशल विकास विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान उपायुक्त राजीव रंजन ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। उपायुक्त ने साफ कहा है कि युवाओं को सिर्फ ट्रेनिंग देना काफी नहीं है, बल्कि उन्हें रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ना प्रशासन की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री सारथी योजना: ट्रेनिंग पूरी तो अब नौकरी की बारी
बैठक में मुख्यमंत्री सारथी योजना की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने उन युवाओं के नियोजन पर विशेष जोर दिया जो अपनी ट्रेनिंग पूरी कर चुके हैं।
कंपनियों से तालमेल: उपायुक्त ने निर्देश दिया है कि जिन युवाओं ने अलग-अलग ट्रेडों में ट्रेनिंग पूरी कर ली है, उन्हें निजी कंपनियों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों और बड़े संस्थानों में नौकरी दिलाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं।
सख्त मॉनिटरिंग: अब प्लेसमेंट की रूटीन मॉनिटरिंग होगी और नौकरी पाने वाले युवाओं का डेटा पूरी तरह अपडेट रखा जाएगा ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
गांव-गांव तक पहुंचेगी रोजगार मेले की खबर
जिला नियोजनालय द्वारा आयोजित होने वाले रोजगार मेलों और करियर काउंसिलिंग को लेकर भी रणनीति बदली गई है। अब कोई भी युवा जानकारी के अभाव में पीछे नहीं छूटेगा। उपायुक्त ने निर्देश दिया है कि रोजगार मेलों की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, पंचायत स्तर पर मुनादी और बैठकें, स्कूल, कॉलेज और शैक्षणिक संस्थान, स्थानीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से से घर-घर पहुंचाई जाए। उपायुक्त राजीव रंजन ने कहा कि कौशल विकास और रोजगार सृजन राज्य सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में से एक है। अधिकारी निर्धारित लक्ष्यों को हल्के में न लें और गंभीरता से काम करें।
श्रमिकों के लिए 100% रजिस्ट्रेशन का टारगेट
बैठक में सिर्फ युवाओं ही नहीं, बल्कि मजदूरों के हक में भी बड़ा फैसला लिया गया। श्रम विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ई-श्रम पोर्टल पर असंगठित क्षेत्र के सभी श्रमिकों का शत-प्रतिशत रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित किया जाए। भवन और अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के तहत मिलने वाली सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों को बिना किसी देरी के समय पर मिले।
लोकल युवाओं को प्राथमिकता
उपायुक्त ने अधिकारियों को हिदायत दी है कि वे स्थानीय औद्योगिक प्रतिष्ठानों और नियोजकों के साथ लगातार संपर्क में रहें, ताकि जिले के स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता मिल सके। इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला नियोजन पदाधिकारी, श्रम और कौशल विकास विभाग के आला अधिकारियों सहित कई संबंधित पदाधिकारी मौजूद थे।

