आसनसोल: पश्चिम बंगाल की राजनीति में सोमवार का दिन कुल्टी विधानसभा क्षेत्र और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ। भाजपा के वरिष्ठ नेता और कुल्टी के लोकप्रिय विधायक डॉ. अजय कुमार पोद्दार को राज्य मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री के रूप में शामिल किया गया। पांच दशक से अधिक लंबे राजनीतिक संघर्ष, संगठन के प्रति समर्पण और जनसेवा के सफर के बाद उन्हें यह बड़ी जिम्मेदारी मिली है।
शपथ ग्रहण के बाद डॉ. पोद्दार ने इसे व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि लाखों भाजपा कार्यकर्ताओं के संघर्ष और समर्पण का सम्मान बताया। उन्होंने कहा कि उनका पूरा जीवन डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों और आदर्शों को समर्पित रहा है तथा मंत्री पद की जिम्मेदारी उन सपनों को साकार करने का अवसर है।
संघ से शुरू हुआ सफर, मंत्री पद तक पहुंची यात्रा
डॉ. अजय कुमार पोद्दार ने वर्ष 1972 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के स्वयंसेवक के रूप में सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की थी। इसके बाद 1973 में उन्होंने भारतीय जनसंघ के साथ सक्रिय राजनीति में कदम रखा। जयप्रकाश नारायण आंदोलन और आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई।
भाजपा के गठन के बाद उन्होंने संगठन विस्तार, कार्यकर्ताओं को जोड़ने और पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने के लिए लगातार काम किया। पश्चिम बंगाल जैसे चुनौतीपूर्ण राजनीतिक माहौल में भाजपा की नींव मजबूत करने वाले नेताओं में उनका नाम प्रमुखता से लिया जाता है।
कुल्टी में बनाया मजबूत जनाधार
कुल्टी विधानसभा क्षेत्र में डॉ. पोद्दार ने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत किया और जनता के मुद्दों को लगातार उठाया। वर्ष 2021 में विधानसभा चुनाव जीतने के बाद उन्होंने 2026 के चुनाव में 26 हजार से अधिक मतों के अंतर से जीत दर्ज कर अपनी लोकप्रियता साबित की।
“यह सम्मान कार्यकर्ताओं की मेहनत का परिणाम”
मंत्री बनने के बाद डॉ. पोद्दार ने कहा, “हमारा सपना पूरा हुआ है। 1973 से हम पार्टी के लिए काम कर रहे हैं। पार्टी जो भी जिम्मेदारी देगी, उसे एक समर्पित सैनिक की तरह निभाऊंगा।”
उन्होंने कहा कि मंत्री पद उनके लिए सम्मान से अधिक जिम्मेदारी है और वे विकास, जनकल्याण तथा सुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे।
भाजपा कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल
डॉ. पोद्दार के मंत्री बनने की खबर के बाद कुल्टी, आसनसोल और पूरे पश्चिम बर्दवान जिले में भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच खुशी की लहर दौड़ गई। कार्यकर्ताओं का मानना है कि संगठन के लिए जीवन समर्पित करने वाले एक जमीनी नेता को मिला यह सम्मान नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।

