बुरूडीह डैम में होने जा रहा है यह बड़ा बदलाव, जानें किसानों और मत्स्य पालकों को कैसे होगा बंपर फायदा

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: जिले के किसानों, पशुपालकों और मत्स्य पालकों की आमदनी बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। समाहरणालय सभागार में उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए कई बड़े फैसले लिए गए हैं। इस बैठक में सहकारिता, मत्स्य, पशुपालन, उद्यान और भूमि संरक्षण जैसे विभागों के कामकाज की समीक्षा की गई और अधिकारियों को जमीनी स्तर पर तेजी से काम करने के सख्त निर्देश दिए गए।

मत्स्य पालन में बड़ा बदलाव: बुरूडीह डैम और 10 मॉडल तालाब
​बैठक का सबसे बड़ा फोकस मत्स्य पालन पर रहा। उपायुक्त ने प्रसिद्ध बुरूडीह डैम में केज कल्चर (पिंजरा तकनीक) के जरिए मत्स्य पालन शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

मॉडल तालाब: जिले में मछली उत्पादन को नया आयाम देने के लिए उप विकास आयुक्त ने कम से कम 10 मॉडल तालाब विकसित करने पर जोर दिया है।
​अधिकारियों से पिछले साल बांटे गए मत्स्य स्पॉन और उससे हुए उत्पादन का पूरा ब्यौरा मांगा गया है, ताकि इस साल की प्लानिंग को और मजबूत किया जा सके।

बहरागोड़ा से बढ़ेगा दूध का कलेक्शन, 15 जून तक धान का उठाव
​सहकारिता विभाग की समीक्षा के दौरान जिला सहकारिता पदाधिकारी ने बताया कि फिलहाल बहरागोड़ा क्षेत्र से रोजाना लगभग 5000 लीटर दूध का संग्रहण किया जा रहा है। उपायुक्त ने इसका दायरा बढ़ाकर ज्यादा से ज्यादा दुग्ध उत्पादकों को जोड़ने और नई सहकारी समितियों का रजिस्ट्रेशन करने को कहा है।

धान उठाव पर डेडलाइन: लैंपसों में बचे करीब 35 हजार क्विंटल धान को 15 जून तक मिलरों के माध्यम से हर हाल में उठाने का टारगेट दिया गया है। साथ ही छूटे हुए धान की ऑनलाइन एंट्री के लिए विभाग से मार्गदर्शन लेने को कहा गया है।

खरीफ सीजन से पहले किसानों को मिलेगा KCC का तोहफा
​आगामी खरीफ सीजन को देखते हुए प्रशासन किसानों को आर्थिक तंगी से बचाना चाहता है। उपायुक्त ने एलडीएम को निर्देश दिया है कि किसान क्रेडिट कार्ड के आवेदनों को बिना किसी देरी के मंजूरी दी जाए और स्वीकृत पैसों का भुगतान जल्द से जल्द सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसान समय पर खेती की तैयारी कर सकें।

स्ट्रॉबेरी की खेती और मधुमक्खी पालन पर जोर
​उद्यान विभाग की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने जिले में पारंपरिक खेती से हटकर स्ट्रॉबेरी की खेती, मधुमक्खी पालन और अन्य औद्यानिकी (हॉर्टिकल्चर) गतिविधियों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया। जिले के संभावित इलाकों में नई नर्सरी विकसित की जाएगी। माली प्रशिक्षण कार्यक्रम से ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़कर, ट्रेनिंग ले चुके लोगों की मौजूदा गतिविधियों की रिपोर्ट मांगी गई है।

योजनाओं का होगा ‘फिजिकल वेरिफिकेशन’
डीप बोरिंग, मिनी ट्रैक्टर और पंपसेट योजना का लाभ उठाने वाले किसानों का फिजिकल वेरिफिकेशन किया जाएगा, ताकि यह पता चल सके कि इन सरकारी उपकरणों का सही इस्तेमाल हो रहा है या नहीं। ग्रामीण परिवारों की इनकम बढ़ाने के लिए बकरा, सुकर और मुर्गी जैसे पशुधनों का वितरण तेजी से करने के निर्देश दिए गए हैं।

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