चक्रधरपुर मर्डर मिस्ट्री: पूर्व मुखिया संजय बोयपोई हत्याकांड का खुलासा, मुख्य साजिशकर्ता बिजू चौधरी समेत 5 गिरफ्तार

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर में 1 जून की रात हुए गुलकेड़ा गांव के पूर्व मुखिया संजय बोयपोई हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। यह कोई आम हत्या नहीं, बल्कि जमीन विवाद और पुरानी रंजिश के चलते रची गई एक खूनी साजिश थी, जिसके लिए बकायदा शूटरों को सुपारी दी गई थी। पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता समेत 5 आरोपियों को दबोच लिया है। शुक्रवार को चाईबासा के एसडीपीओ बहामन टूटी और चक्रधरपुर थाना प्रभारी अवधेश कुमार ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरे मामले का पर्दाफाश किया।

4 दिनों में पुलिस का बड़ा एक्शन
​मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष जांच दल का गठन किया गया था। तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने महज 4 दिनों के भीतर छापेमारी कर 4 जून को बिजू चौधरी (मुख्य साजिशकर्ता), सुरेश सोय, ​कप्तान होनहागा उर्फ टाटा, ​गुने हिन्दु अंगरिया उर्फ मोटा, बुधू बोदरा को गिरफ्तार कर लिया।

हत्या में प्रयुक्त हथियार और सामान बरामद
​गिरफ्तार अपराधियों की निशानदेही पर पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियारों और अन्य सामानों को जब्त कर लिया है। 1 देशी कट्टा, 4 जिंदा कारतूस,​2 मोटरसाइकिल, 4 मोबाइल फोन अपराधियों के पास से जब्त किया गया है।

क्या थी हत्या की वजह?
​पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी बिजू चौधरी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस के अनुसार बिजू चौधरी और मृतक पूर्व मुखिया संजय बोयपोई के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी रंजिश का बदला लेने के लिए बिजू चौधरी ने संजय को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया। उसने अन्य आरोपियों से संपर्क किया और मोटी रकम की सुपारी देकर संजय बोयपोई की गोली मारकर हत्या करवा दी।

1 जून की रात क्या हुआ था?
​बता दें कि बीते 1 जून की रात करीब 12:10 बजे गुईगांव स्थित अपने घर के आंगन में संजय बोयपोई सो रहे थे। इसी दौरान घात लगाए अज्ञात अपराधियों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। गोली लगने से संजय बोयपोई की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के बाद चक्रधरपुर थाने में हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था।

इन जांबाज पुलिस अधिकारियों ने सुलझाई गुत्थी
​चक्रधरपुर पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की हर तरफ सराहना हो रही है। मामले के सफल उद्भेदन में चक्रधरपुर के थाना प्रभारी अवधेश कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक परमेश्वर उरांव, रंजीत उरांव और राजकिशोर तिवारी की अहम भूमिका रही। इसके साथ ही छापेमारी और अनुसंधान टीम में सहायक अवर निरीक्षक बिरबल चौबे, दिलीप कुमार और शशिशेखर सामड शामिल थे। इस पूरी कार्रवाई को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने में तकनीकी शाखा के पुलिस अवर निरीक्षक चन्द्रशेखर और सहायक अवर निरीक्षक गंगाराम पुरती का विशेष योगदान रहा।
​पुलिस ने सभी 5 आरोपियों को मेडिकल जांच के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले के कुछ अन्य पहलुओं पर आगे की जांच अभी जारी है।

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