डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर:लोकतांत्रिक प्रक्रिया के सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज यानी मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध और पारदर्शी बनाने के लिए जिला प्रशासन एक्शन मोड में है। मतदाता सूची के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण-2026’ को शत-प्रतिशत सफल बनाने के लिए सिदगोड़ा टाउन हॉल में एक वृहद प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस ट्रेनिंग में पोटका, जुगसलाई, जमशेदपुर पूर्वी और जमशेदपुर पश्चिमी विधानसभा क्षेत्रों के बीएलओ और बीएलओ पर्यवेक्षकों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण के दौरान जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त राजीव रंजन ने कड़े तेवर दिखाते हुए स्पष्ट किया कि इस बार मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य में किसी भी स्तर पर चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
18+ के हर युवा का नाम जोड़ने पर फोकस
उपायुक्त ने अधिकारियों और फील्ड कर्मियों को निर्देश देते हुए कहा कि मतदाता सूची ही लोकतंत्र का आधार है। उन्होंने कहा कि कोई भी योग्य नागरिक, विशेषकर नए और युवा मतदाता, इस सूची से छूटने नहीं चाहिए। घर-घर जाकर सत्यापन का कार्य पूरी निष्पक्षता और गंभीरता से करें ताकि एक भी पात्र मतदाता का नाम सूची में शामिल होने से न रह जाए।
फील्ड में बीएलओ को करने होंगे ये 3 मुख्य काम
मास्टर ट्रेनर्स ने बीएलओ को विशेष रूप से तकनीक और जमीनी सत्यापन के समन्वय को लेकर ट्रेनिंग दी।
फील्ड वर्कर्स को सौंपी गई ज़िम्मेदारियां
संशोधित नजरी नक्शा: बीएलओ और सुपरवाइजर को अपने-अपने मतदान केंद्र क्षेत्रों का दौरा कर जरूरत पड़ने पर ‘नजरी नक्शा’ तुरंत अपडेट करने को कहा गया है।
अनमैप्ड वोटर लिस्ट का प्रकाशन: सभी बीएलओ को अनमैप्ड वोटर लिस्ट की दो प्रतियां दी गई हैं। इनमें से एक कॉपी को अनिवार्य रूप से संबंधित मतदान केंद्र (पोलिंग बूथ) पर चिपकाना होगा ताकि आम जनता इसे देख सके।
त्रुटियों का तुरंत सुधार: घर-घर गणना के दौरान नाम, उम्र या पते में जो भी गलतियां सामने आएंगी, उन्हें मौके पर ही सुधारने के लिए प्रपत्र (फॉर्म) भरे जाएंगे।
प्रशासनिक अमला रहा मौजूद
इस विशेष प्रशिक्षण शिविर में मास्टर प्रशिक्षकों ने बीएलओ की सभी शंकाओं और तकनीकी जिज्ञासाओं का मौके पर ही समाधान किया। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए आपसी समन्वय पर जोर दिया गया। इस मौके पर निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, उप निर्वाचन पदाधिकारी, सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी सहित चुनाव से जुड़े तमाम वरिष्ठ अधिकारी और कर्मी उपस्थित थे।

