कोलकाता दुर्गापूजा में VIP पास के नाम पर ‘करोड़ों का खेल’! पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन समेत कई लोगों पर FIR दर्ज

Manju
By Manju
4 Min Read

डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया: यूनेस्को की हेरिटेज लिस्ट में शामिल कोलकाता की विश्वप्रसिद्ध दुर्गापूजा अब एक बड़े विवाद और वित्तीय घोटाले के आरोपों के घेरे में आ गई है। पश्चिम बंगाल के पूर्व पर्यटन और सांस्कृतिक मामलों के मंत्री इंद्रनील सेन, उनकी पत्नी मधुछंदा सेन और उनके करीबियों पर दुर्गापूजा के नाम पर करोड़ों रुपये का फर्जीवाड़ा करने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले में कोलकाता पुलिस कमिश्नर, डीजीपी और बहूबाजार थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है।

क्या है पूरा मामला?
​कोलकाता के जाने-माने अंतरराष्ट्रीय ट्रैवल कंसल्टेंट जयदीप मुखर्जी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार यह पूरा खेल साल 2022 से शुरू हुआ था।​यूनेस्को के नाम का गलत इस्तेमाल: आरोप है कि साल 2022 में गठित एक संस्था ने खुद को यूनेस्को का आधिकारिक सहयोगी बताया।
4,000 रुपये में बेचे VIP पास: इस संस्था ने विदेशी और अमीर पर्यटकों को लुभाने के लिए दुर्गापूजा के ‘प्रिव्यू शो’ (पूजा शुरू होने से पहले पंडाल देखना) के नाम पर प्रति व्यक्ति 4,000 रुपये तक के वीआइपी टिकट और पास बेचे।
करोड़ों की उगाही: यूनेस्को के वीआईपी टैग का इस्तेमाल कर देश-विदेश के लोगों से करोड़ों रुपये जुटाए गए, लेकिन कथित तौर पर इस आयोजन में यूनेस्को की कोई आधिकारिक टीम कभी शामिल ही नहीं हुई।
स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश: शिकायतकर्ता का दावा है कि इन प्रिव्यू शो के दौरान चुनिंदा और प्रमुख पूजा पंडालों में आम जनता की एंट्री बैन या सीमित कर दी जाती थी। केवल मोटी रकम देकर टिकट खरीदने वालों को ही वीआईपी एंट्री दी जाती थी, जिससे स्थानीय भक्तों में भारी नाराजगी थी और कई जगह विवाद भी हुआ।

इन गंभीर बिंदुओं पर जांच की मांग
​जयदीप मुखर्जी ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में कुछ बेहद कड़े सवाल उठाए हैं और गहन वित्तीय जांच की मांग की है। यूनेस्को जैसी वैश्विक संस्था के नाम का दुरुपयोग कर धन जुटाने की अनुमति किसने दी? प्रिव्यू शो के जरिए जो करोड़ों रुपये की नकदी और ऑनलाइन फंड जुटाया गया, वह किस बैंक खाते में गया?
​क्या इस मोटी कमाई का इस्तेमाल निजी फायदों के लिए किया गया?

आरोपी पक्ष की सफाई
​दूसरी तरफ इस संस्था से जुड़े ध्रुवज्योति बोस ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि ये सभी आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद और राजनीति से प्रेरित हैं। संस्था के पास इस आयोजन से जुड़े सभी वैध और आवश्यक दस्तावेज मौजूद हैं। इस प्रिव्यू शो का एकमात्र उद्देश्य कोलकाता की भव्य दुर्गापूजा और यहां के स्थानीय कलाकारों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रमोट करना था।

पुलिस एक्शन मोड में
​शिकायत दर्ज होने के बाद कोलकाता पुलिस और जांच एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। मामले की प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब बैंक खातों के लेन-देन और संस्था के दस्तावेजों को खंगाल रही है ताकि यह साफ हो सके कि प्रिव्यू शो से जुटाए गए करोड़ों रुपये आखिर किसकी जेब में गए। पूर्व मंत्री का नाम सामने आने के बाद से राज्य में राजनीतिक सरगर्मी भी तेज हो गई है।

Share This Article