डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही पहले से ही री-एडमिशन फीस, महंगी किताबों और कॉपियों के बोझ तले दबे अभिभावकों को अब महंगाई का एक और बड़ा झटका लगने जा रहा है। जमशेदपुर में आगामी जुलाई महीने से स्कूली वैन और ऑटो के मासिक किराए में 50 रुपये से लेकर 200 रुपये तक की बढ़ोतरी होने जा रही है। इसका सीधा असर शहर के हजारों परिवारों के मासिक बजट पर पड़ेगा।
क्यों बढ़ रहा है किराया?
जमशेदपुर स्कूली वाहन सेवा संचालक समिति का कहना है कि पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों और वाहनों के रखरखाव (स्पेयर पार्ट्स, टायर, इंजन ऑयल, फिटनेस और बीमा शुल्क) के खर्च में भारी इजाफा हुआ है। जमशेदपुर स्कूली वाहन सेवा संचालक समिति अध्यक्ष संतोष मंडल का कहना है कि तेल की कीमतों और वाहन संचालन लागत में लगातार बढ़ोतरी के कारण किराया बढ़ाना हमारी मजबूरी बन गई है। पुराने किराए पर गाड़ी चलाना अब आर्थिक रूप से मुमकिन नहीं रह गया है, जिससे हमारे परिवारों का भरण-पोषण प्रभावित हो रहा है। जुलाई से नई दरें लागू होंगी।
रूट के हिसाब से जानिए कितना बढ़ेगा आपका मासिक खर्च
समिति जल्द ही एक बैठक करके विभिन्न रूटों के नए किराए पर अंतिम मुहर लगाएगी।
परसुडीह से साकची: ₹100 से ₹200 की बढ़ोतरी
सिदगोड़ा से टेल्को: ₹100 से ₹200 की बढ़ोतरी
आदित्यपुर से साकची: ₹100 से ₹150 की बढ़ोतरी
मानगो से बिष्टुपुर: ₹100 से ₹150 की बढ़ोतरी
बर्मामाइंस से बिष्टुपुर: ₹100 से ₹150 की बढ़ोतरी
गोलमुरी से टेल्को: ₹100 से ₹150 की बढ़ोतरी
मानगो से साकची: ₹50 से ₹100 की बढ़ोतरी
सोनारी से बिष्टुपुर: ₹50 से ₹100 की बढ़ोतरी
बारीडीह से टेल्को: ₹50 से ₹100 की बढ़ोतरी
अभिभावकों की बढ़ी टेंशन, बिगड़ेगा घर का बजट
इस फैसले की प्रारंभिक जानकारी मिलते ही अभिभावकों की चिंताएं बढ़ गई हैं। अभिभावकों का तर्क है कि हर साल स्कूल की फीस और अन्य खर्चे तो बढ़ते ही हैं, अब ट्रांसपोटेशन का यह अतिरिक्त खर्च उनके घरेलू बजट को पूरी तरह से बिगाड़ देगा। कई वाहन चालकों ने तो अभी से ही अभिभावकों को मानसिक रूप से तैयार रहने के लिए कहना शुरू कर दिया है। समिति की आगामी बैठक के बाद रूटवार नई दरों की आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी, जिसके बाद जुलाई की तपिश के साथ अभिभावकों की जेब भी ढीली होना तय है।

