अब ममता के खास कल्याण बनर्जी ने दिखाए बगावती तेवर, भतीजे अभिषेक पर भड़के, बताया अहंकारी

Neelam
By Neelam
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पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद से तृणमूल कांग्रेस घास के तिनके की तरह बिखरती दिख रही है। एक-एक कर पार्टी के नेता ममता बनर्जी का साथ छोड़ रहे हैं। विरोध के सुर पहले विधानसभा के स्तर पर उठे, जो राज्यसभा तक जा पहुंच चुके हैं। पिछले तीन दिन में पार्टी के तीन राज्यसभा सांसदों ने इस्तीफा दिया है। तो लोकसभा के 20 सांसद उनके खिलाफ चले गए हैं। इस बीच ममता के समर्थन में खड़े रहने वाले कल्याण बनर्जी ने भी बगावती तेवर दिखाए हैं।

कल्याण बनर्जी का ममता को अल्टीमेटम

टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने गुरुवार को कहा कि ममता दीदी को तय करना होगा कि वे मेरे साथ हैं या अभिषेक बनर्जी के साथ। कल्याण बनर्जी ने कहा, ‘मैं ममता बनर्जी के साथ हूं, लेकिन ममता दीदी को यह तय करना होगा कि वह अभिषेक को रखेंगी या मुझे। ममता दीदी को पहले फैसला करना होगा। ममता दीदी को पहले यह तय करना होगा कि वह अभिषेक बनर्जी के बिना पार्टी को आगे नहीं बढ़ा सकतीं। उसके बाद मैं पार्टी में नहीं रहूंगा।’

अभिषेक बनर्जी की वजह से पार्टी बर्बाद हुई-कल्याण बनर्जी

कल्यान बनर्जी को फर्जी साइन केस से हटा दिया गया है। इसके बाद उन्होंने कहा कि मुझे आधी रात को बताया गया कि वकील बदल दिया गया है। यह अपमानजनक है। उन्होंने कहा कि अभिषेक को सीनियर नेताओं का सम्मान करना नहीं आता। उन्होंने कभी मुझ पर भरोसा नहीं किया और आगे भी नहीं करेंगे। वह बहुत अहंकारी है। उसी की वजह से पार्टी बर्बाद हुई है।

अभिषेक बनर्जी को बताया घमंडी आदमी

टीएमसी सांसद ने कहा अभिषेक एक घमंडी आदमी है। उनके घमंडी रवैये के कारण मेरे लिए पार्टी में काम करना मुश्किल हैं।  ममता दीदी से साफ कहूंगा या तो आप अभिषेक को रखिए या फिर हमें छोड़ दीजिए।

बंगाल चुनाव में हार के बाद टीएमसी में असंतोष

बंगाल चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को मिली करारी हार के बाद से ही पूर्व सीएम ममता बनर्जी की पार्टी में असंतोष उभरने लगा है। बीते करीब एक महीने में कई नेताओं ने बागी तेवर दिखाए हैं। कल्याण बनर्जी को ममता का करीबी और विश्वासपात्र माना जाता है। लोकसभा सांसद कल्याण बनर्जी ने बीते दिनों बगावत करने वाले नेताओं को ‘विश्वासघाती’ और ‘सुख के कबूतर’ बताया था। उन्होंने तृणमूल से अलग राग अलापने वाले नेताओं को टीएमसी छोड़कर स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने की चुनौती भी दी थी। हालांकि, अब वो भी असंतुष्ट नजर आ रहे हैं।

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