डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : आगामी मानसून और भारी बारिश के मद्देनजर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। बरसात के मौसम में शहरवासियों को जलजमाव, गंदगी और दूषित पेयजल जैसी समस्याओं से न जूझना पड़े, इसके लिए उपायुक्त राजीव रंजन ने कमर कस ली है। समाहरणालय स्थित अपने कार्यालय में नगर निकायों के पदाधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक करते हुए उपायुक्त ने कड़े निर्देश जारी किए हैं।
नदियों के तटीय इलाकों में अलर्ट, चिन्हित किए जा रहे सरकारी भवन
बैठक में भारी बारिश के दौरान स्वर्णरेखा और खरकई नदी के तटीय क्षेत्रों में संभावित बाढ़ या जलभराव की स्थिति पर विशेष चिंता जताई गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया है कि निचले और तटीय इलाकों के लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए सामुदायिक भवनों और अन्य सरकारी भवनों को पहले से ही चिन्हित कर लिया जाए, ताकि आपातकालीन स्थिति में लोगों को तुरंत वहां शिफ्ट किया जा सके।
3 साल के हॉटस्पॉट्स पर फोकस, गठित होगी क्विक रिस्पॉन्स टीम
इस बार प्रशासन केवल तात्कालिक राहत नहीं, बल्कि दीर्घकालिक समाधान पर काम कर रहा है।
हॉटस्पॉट्स की समीक्षा: पिछले तीन वर्षों के दौरान जिन इलाकों में सबसे ज्यादा जलजमाव हुआ है, उनकी सूची बनाकर वहां प्राथमिकता के आधार पर काम करने को कहा गया है।
QRT का गठन: किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी नगर निकायों में क्विक रिस्पांस टीम का गठन किया जाएगा।
टोल फ्री नंबर: आम जनता की शिकायतों और आपातकालीन सूचनाओं के तुरंत निपटारे के लिए जल्द ही एक टोल फ्री नंबर जारी किया जाएगा, जिसका व्यापक प्रचार-प्रसार होगा।
साफ-सफाई और निर्बाध जलापूर्ति के निर्देश
उपायुक्त ने साफ तौर पर कहा कि बारिश के मौसम में जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए शहर की साफ-सफाई व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए और नालियों की नियमित सफाई कर जल निकासी (ड्रेनेज) को बेहतर बनाया जाए। बरसात के दौरान पेयजल आपूर्ति बाधित न हो, इसके लिए जलापूर्ति तंत्र की जांच कर मरम्मत का काम समय रहते पूरा कर लिया जाए। वर्षा ऋतु के दौरान नागरिकों को किसी भी तरह की असुविधा नहीं होनी चाहिए। सभी निकाय समय रहते अपनी तैयारियां पूरी कर लें, लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

