तेल बाजार को राहत! ट्रंप बोले- ईरान से डील पूरी, जल्द खुलेगा होर्मुज स्ट्रेट

KK Sagar
3 Min Read

अमेरिका और ईरान के बीच करीब चार महीने से जारी तनाव और युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ शांति समझौता लगभग पूरा हो चुका है और 19 जून को स्विट्जरलैंड में इस पर आधिकारिक हस्ताक्षर किए जा सकते हैं। उन्होंने यह भी घोषणा की कि समझौते के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दुनिया के सभी जहाजों के लिए बिना किसी टोल टैक्स के खोल दिया जाएगा तथा ईरानी बंदरगाहों पर लगी अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी भी हटा ली जाएगी।

ट्रंप ने रविवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, “ईरान के साथ डील अब पूरी हो गई है। सभी को बधाई। मैं होर्मुज स्ट्रेट को टोल-फ्री खोलने और अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को तत्काल हटाने की मंजूरी देता हूं। दुनिया के जहाजों, अपने इंजन चालू करो, तेल बहने दो।” हालांकि बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि स्ट्रेट आधिकारिक समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद ही खोला जाएगा।

हालांकि, ईरान की ओर से इस दावे पर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इससे पहले भी ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान समझौते के लिए तैयार हो गया है, लेकिन तेहरान ने इसे खारिज करते हुए कहा था कि अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। ईरानी सूत्रों का कहना है कि बातचीत में कई मुद्दों पर प्रगति हुई है, लेकिन समझौते के अंतिम स्वरूप पर अभी चर्चा जारी है।

सूत्रों के मुताबिक, प्रस्तावित समझौते में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर 60 दिनों तक बातचीत, तेल प्रतिबंधों में राहत, ईरान की फ्रीज संपत्तियों की रिहाई और होर्मुज स्ट्रेट को व्यावसायिक जहाजों के लिए खोलने जैसे प्रावधान शामिल हैं। इसके तहत अमेरिका नए प्रतिबंध लगाने पर रोक लगाएगा, जबकि ईरान परमाणु हथियार विकसित नहीं करने और अपने परमाणु कार्यक्रम को सीमित रखने पर सहमत हो सकता है।

दुनिया के लिए सबसे अहम मुद्दा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का है, क्योंकि वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है। इसके खुलने से भारत समेत कई देशों को राहत मिल सकती है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव कम होने की उम्मीद है।

हालांकि समझौते को लेकर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है। ईरान के भीतर कई कट्टरपंथी गुट इस प्रस्ताव का विरोध कर रहे हैं और उनका कहना है कि समझौते में प्रतिबंधों से पर्याप्त राहत और होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान के पूर्ण नियंत्रण की गारंटी नहीं है। वहीं, ईरानी सरकार के कुछ अधिकारियों का मानना है कि यह समझौता क्षेत्रीय संघर्ष खत्म करने और आर्थिक राहत पाने का अवसर हो सकता है।

Share This Article
उत्कृष्ट, निष्पक्ष, पारदर्शिता और ईमानदारी - पत्रकारिता की पहचान है k k sagar....✍️....