डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : क्या आप जानते हैं कि आपके आस-पास का कोई युवा किस जाल में फंस रहा है? नशे की इसी बढ़ती सामाजिक बीमारी पर प्रहार करने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। 10 जून से 25 जून तक चलने वाले विशेष नशा मुक्ति अभियान के तहत जिला प्रशासन अब सीधे सड़कों और स्कूलों तक पहुंच रहा है। इसी कड़ी में समाहरणालय परिसर से उपायुक्त राजीव रंजन और वरीय पुलिस अधीक्षक पीयूष पाण्डेय ने संयुक्त रूप से एक विशेष नशा मुक्ति जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ सिर्फ एक गाड़ी नहीं, बल्कि नशे के खिलाफ जंग का एक चलता-फिरता केंद्र है।

कहां-कहां गरजेगा यह जागरूकता रथ?
प्रशासन का प्लान बेहद सटीक है। यह रथ केवल शहरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जिले के कोने-कोने में दस्तक देगा।
शिक्षा के केंद्र: स्कूल और कॉलेज (जहां युवाओं को टारगेट किया जा सके)
ग्रामीण इलाके: जिले के विभिन्न प्रखंड और पंचायतें
शहरी क्षेत्र: प्रमुख चौक-चौराहे और बस्तियां
उपायुक्त राजीव रंजन ने कहा कि नशे से दूरी ही सुरक्षित और स्वस्थ समाज के लिए जरूरी है। युवाओं को नशे जैसी बुराइयों को छोड़कर सकारात्मक सोच, शिक्षा, खेल और रचनात्मक गतिविधियों को अपनाना चाहिए।
सिर्फ भाषण नहीं, एक्शन: नुक्कड़ नाटक और ऑडियो से मचेगा धूम
अक्सर सरकारी अभियान फाइलों में दबकर रह जाते हैं, लेकिन इस बार रणनीति बदली हुई है। आम जनता को जागरूक करने के लिए हाई-टेक और पारंपरिक दोनों तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
ऑडियो संदेश और लाउडस्पीकर: इसके जरिए चलते-फिरते लोगों तक नशे के खिलाफ सीधे और प्रभावी संदेश पहुंचाए जाएंगे।
नुक्कड़ नाटक : कलाकारों द्वारा मनोरंजन और अभिनय के जरिए नशे से होने वाले सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी नुकसान को जीवंत रूप में दिखाया जाएगा।
प्रचार सामग्री का वितरण: लोगों के बीच पंपलेट और लीफलेट बांटे जाएंगे, ताकि परिवारों के पास लिखित जानकारी और सहायता के लिए जरूरी माध्यम उपलब्ध रहें।
SSP की अपील: बिना आपके, यह जंग जीतना मुमकिन नहीं
इस मौके पर एसएसपी पीयूष पाण्डेय ने साफ शब्दों में कहा कि पुलिस और प्रशासन अकेले इस बीमारी को खत्म नहीं कर सकते। इसके लिए जनभागीदारी सबसे जरूरी है। समाज के हर वर्ग—चाहे वे माता-पिता हों, शिक्षक हों या दोस्त—सबको मिलकर एक नशामुक्त माहौल तैयार करना होगा।
जिला प्रशासन की अपील :अपने घर, गली और मोहल्ले को सुरक्षित बनाने के लिए इस 15 दिवसीय अभियान का हिस्सा बनें। अगर आपके आस-पास कोई इस लत से जूझ रहा है, तो उसकी मदद करें और एक स्वस्थ समाज के निर्माण में अपना योगदान दें।

