डिजिटल डेस्क/जमशेदपुर : बिरसानगर में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के लाभार्थियों का सालों लंबा इंतजार आखिरकार खत्म होने जा रहा है। आगामी 19 जून को तैयार फ्लैटों की चाबियां उनके असली हकदारों को सौंप दी जाएंगी। इस खास मौके पर राज्य के नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू खुद उपस्थित रहेंगे और गृह प्रवेश कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे। नगर विकास मंत्री ने फोन पर जमशेदपुर के विधायकों— सरयू राय और पूर्णिमा साहू को इस निर्णय की आधिकारिक जानकारी दी। विभाग जल्द ही इस संबंध में औपचारिक कार्यक्रम की घोषणा करेगा और प्रशासनिक स्तर पर इसकी तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
राज्यसभा चुनाव के कारण बदली गई तारीख
पहले इस कार्यक्रम को लेकर अलग-अलग तारीखें सामने आ रही थी। विधायक सरयू राय ने बताया कि वर्तमान में राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया चल रही है और 18 जून को मतदान होना है। चुनाव के दौरान ऐसे बड़े सार्वजनिक और सरकारी कार्यक्रमों का आयोजन करना प्रशासनिक रूप से व्यावहारिक नहीं था। इसी वजह से सर्वसम्मति से 19 जून की तारीख तय की गई है, ताकि बिना किसी प्रशासनिक अड़चन के लाभार्थियों को फ्लैट की चाबियां सौंपी जा सकें।
सरकारी खर्च पर होगी फ्लैटों की मरम्मत–विधायक सरयू राय
लाभार्थियों के लिए एक और बड़ी राहत की खबर है। विधायक सरयू राय की मांग पर सरकार ने फ्लैटों में हुई टूट-फूट और अन्य आवश्यक मरम्मत कार्यो को सरकारी खर्च पर कराने का आग्रह स्वीकार कर लिया है। इसके लिए सरयू राय ने नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के प्रति आभार व्यक्त किया है।
निरंतर प्रयासों और दृढ़ इच्छाशक्ति का सुखद परिणाम–विधायक पूर्णिमा साहू
विधायक पूर्णिमा साहू ने इस फैसले पर खुशी जताते हुए कहा कि यह लाभार्थियों के हक के लिए लगातार किए गए प्रयासों का सकारात्मक परिणाम है। उन्होंने कहा कि मैं पिछले कई सालों से नगर विकास विभाग के अधिकारियों और मंत्री सुदिव्य सोनू के साथ इस विषय पर लगातार संपर्क में थी। हाल ही में संपन्न दिशा की बैठक और विधानसभा में भी मैंने इस गंभीर मामले को प्रमुखता से उठाया था।
6 साल का लंबा इंतजार और कई डेडलाइन फेल
गौरतलब है कि बिरसानगर की इस महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत 23 फरवरी 2019 को तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास द्वारा की गई थी। शुरुआत में इस परियोजना को मार्च 2021 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन लगभग 9,592 फ्लैटों के निर्माण की यह प्रक्रिया कई बाधाओं के कारण समय पर पूरी नहीं हो सकी। हाल के दिनों में भी इस योजना की कई डेडलाइन फेल हुई— पहले 30 अप्रैल, फिर 6 मई (सामूहिक गृह प्रवेश) और इसके बाद 15 जून की डेडलाइन भी पार हो गई। करीब 6 साल से अपने आशियाने की राह देख रहे गरीब परिवारों के लिए अब 19 जून की तारीख एक नई सुबह लेकर आने वाली है।

