डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और आम जनता को कॉर्पोरेट अस्पतालों जैसी सुविधाएं देने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है। सदर अस्पताल में जल्द ही अत्याधुनिक मॉड्युलर ओटी का निर्माण होने जा रहा है। इस नई व्यवस्था के शुरू होने से न केवल अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार होगा, बल्कि अब यहां जटिल और गंभीर सर्जरी भी बेहद आसानी और सुरक्षित तरीके से की जा सकेंगी।
क्या होता है मॉड्युलर ओटी और यह क्यों है खास?
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार नए बनने वाले मॉड्युलर ओटी की दीवारें और फर्श पूरी तरह से एंटी-बैक्टीरियल होंगे, जिससे किसी भी तरह के जीवाणु वहां पनप नहीं पाएंगे। इसके अलावा, हवा को शुद्ध रखने के लिए इसमें हेपा फिल्टर और आधुनिक एयर हैंडलिंग यूनिट लगाई जाएगी। इसमें डॉक्टरों और सर्जन्स की मदद के लिए एलईडी सर्जिकल लाइट्स, डिजिटल कंट्रोल पैनल और एडवांस एनेस्थीसिया वर्कस्टेशन जैसी विश्वस्तरीय तकनीकें भी शामिल होंगी।
इन्फेक्शन का खतरा होगा पूरी तरह खत्म
अक्सर देखा जाता है कि सामान्य ऑपरेशन थिएटरों में सर्जरी के बाद मरीजों में पोस्ट-ऑपरेटिव इन्फेक्शन का खतरा बना रहता है। लेकिन मॉड्युलर ओटी की तकनीक इस खतरे को लगभग शून्य कर देगी। इससे मरीजों को संक्रमण मुक्त वातावरण मिलेगा, जिससे वे जल्दी रिकवर हो सकेंगे और उन्हें दर्द व दिक्कतों से राहत मिलेगी।
आम जनता और गरीब मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत
वर्तमान में सदर अस्पताल में रोजाना कई ऐसे मरीज आते हैं जिन्हें गंभीर या जटिल ऑपरेशन की जरूरत होती है। संसाधनों की कमी के कारण अब तक ऐसे मरीजों को या तो हायर सेंटर रेफर करना पड़ता था या फिर उन्हें मजबूरी में निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता था, जहां भारी-भरकम खर्च आता है।
सदर अस्पताल में इस हाई-टेक मॉड्युलर ओटी के शुरू हो जाने से अब स्थानीय स्तर पर ही गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को मुफ्त या बेहद किफायती दर पर विश्वस्तरीय सर्जरी की सुविधा मिल सकेगी। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया और तैयारी तेजी से शुरू कर दी गई है।

