सरकारी स्कूलों में बढ़ेगी पढ़ाई की क्वालिटी, निजी स्कूलों के टीचर्स देंगे एक्सीलेंस और कस्तूरबा विद्यालयों के शिक्षकों को ट्रेनिंग

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर :झारखंड के सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को निजी स्कूलों के समकक्ष लाने की तैयारी तेज हो गई है। जिला प्रशासन अब सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के शैक्षणिक स्तर को सुधारने के लिए एक नया प्रयोग करने जा रहा है। इसके तहत अब प्राइवेट इंग्लिश मीडियम स्कूलों के अनुभवी शिक्षक, सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के साथ अपना ज्ञान और अनुभव साझा करेंगे। इसके लिए जल्द ही एक विशेष शिक्षक कार्यशाला आयोजित की जाएगी। समाहरणालय सभागार में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में उपायुक्त राजीव रंजन ने यह निर्देश दिए। बैठक में एसडीएम धालभूम अर्नव मिश्रा, अपर उपायुक्त अनुराग तिवारी सहित जिला शिक्षा विभाग के तमाम आला अधिकारी और स्कूलों के प्राचार्य व वार्डन मौजूद रहे।

कमजोर छात्रों के लिए चलेंगी रेमेडियल क्लासेस, बोर्ड रिजल्ट सुधारने पर फोकस
​बैठक में 10वीं और 12वीं के पिछले बोर्ड परीक्षा परिणामों की गहन समीक्षा की गई। उपायुक्त ने साफ कहा कि इस बार के परीक्षा परिणाम पिछले साल से बेहतर होने चाहिए। इसके लिए उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिया कि क्लास के कमजोर और पिछड़ रहे विद्यार्थियों की पहचान तुरंत की जाए। ऐसे छात्रों के लिए नियमित रूप से रेमेडियल अतिरिक्त कक्षाओं का संचालन सुनिश्चित हो। बच्चों के सर्वांगीण विकास और शैक्षणिक उपलब्धियों में कोई कमी न रहे।

खाली सीटों पर तुरंत होगा नामांकन, बुनियादी ढांचा भी सुधरेगा
​प्रशासन का पूरा जोर इस बात पर है कि कोई भी पात्र छात्र गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित न रहे। उपायुक्त ने सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस और केजीबीवी में जितनी भी सीटें खाली हैं, उन पर शीघ्र नामांकन प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दिया है।
​इसके साथ ही स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि स्कूलों में जो भी कमियां या संसाधन संबंधी दिक्कतें हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर तुरंत दूर किया जाए ताकि बच्चों को पढ़ाई का एक बेहतर माहौल मिल सके।

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