डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: स्टील सिटी जमशेदपुर का पॉश इलाका बिष्टुपुर शनिवार देर रात खून से लाल हो गया। बिष्टुपुर स्थित डबल डाउन क्लब में एक डांस पार्टी के दौरान लड़कियों के साथ हुई कथित छेड़खानी का विरोध करना दो गुटों के बीच खूनी संघर्ष में बदल गया। इस घटना ने एक बार फिर शहर के पब और क्लबों में सुरक्षा व्यवस्था और बाउंसरों के रवैये पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
डांस फ्लोर पर अभद्र टिप्पणी से भड़की चिंगारी
मिली जानकारी के अनुसार शनिवार रात करीब 12 बजे क्लब के अंदर युवाओं और युवतियों का एक ग्रुप पार्टी कर रहा था। इसी दौरान डांस फ्लोर पर मौजूद दूसरे गुट के कुछ लड़कों ने युवतियों पर अभद्र फब्तियां कसी और छेड़खानी शुरू कर दी। युवतियों के साथ मौजूद युवकों ने जब इसका विरोध किया, तो दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक हुई जो देखते ही देखते लात-घूसों और मारपीट में बदल गई। क्लब के भीतर मचे इस हंगामे से आम लोगों में दहशत फैल गई।
बाउंसरों की लापरवाही? अंदर की लड़ाई को सड़क पर धकेला
क्लब के अंदर स्थिति बिगड़ती देख वहां तैनात बाउंसरों ने बीच-बचाव करने या पुलिस को सूचना देने के बजाय दोनों गुटों को क्लब से बाहर सड़क पर निकाल दिया। बाउंसरों की इस कार्रवाई से मामला शांत होने के बजाय और उग्र हो गया। क्लब से बाहर आते ही दोनों पक्ष सड़क पर फिर भिड़ गए। एक पक्ष ने फोन करके अपने अन्य साथियों को भी मौके पर बुला लिया, जिससे बिष्टुपुर की मुख्य सड़क पर भारी भीड़ जमा हो गई। इसी अफरा-तफरी के बीच एक युवक ने चाकू निकालकर हमला कर दिया, जिससे दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।
अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भी जारी रहा हंगामा
इस खूनी झड़प में आदित्यपुर के रहने वाले दो युवक—हिमांशू सिंह और प्रत्युष सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। हिमांशू के पेट में चाकू घोंपा गया है। दोनों को तुरंत टाटा मेन हॉस्पिटल ले जाया गया। हैरान करने वाली बात यह रही कि दोनों पक्षों का गुस्सा अस्पताल में भी शांत नहीं हुआ और वे TMH के इमरजेंसी वार्ड में भी आपस में भिड़ गए, जिससे अस्पताल परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा।
बिष्टुपुर थाना प्रभारी आलोक दुबे का बयान
छेड़खानी के विरोध में दो पक्षों के बीच मारपीट और चाकूबाजी की घटना हुई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में दो युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि बाकी आरोपियों की पहचान कर जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जा सके।
इस पूरी घटना ने क्लब संचालकों और बाउंसरों की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। जब क्लब के अंदर छेड़खानी और मारपीट की शुरुआत हुई, तो बाउंसरों ने आरोपियों को पुलिस के हवाले करने के बजाय सिर्फ़ क्लब की साख बचाने के लिए उन्हें मुख्य सड़क पर धकेल दिया। नतीजा यह हुआ कि सड़क पर सरेआम चाकूबाजी हुई और दो युवकों की जान पर बन आई। प्रशासन को अब नाइटलाइफ़ सुरक्षा के लिए नए और कड़े नियम तय करने होंगे।

