सरकारी ड्यूटी छोड़ निजी क्लिनिक में मरीज देख रहे थे डॉ एनपी सिंह, पीएमसीएच के पूर्व प्रिंसिपल के बॉर्डीगार्ड ने खोला राज

Reena Sharma
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पीएमसीएच के पूर्व प्राचार्य डॉ एनपी सिंह को पद से हटाए जाने के विवाद में उनके सरकारी अंगरक्षक संजीत कुमार का बयान सामने आया है। बॉडीगार्ड ने जांच के दौरान बताया है कि विवादित दिन डॉ. एन.पी. सिंह पीएमसीएच में उपस्थित रहने के बजाय पूरे दिन अपने निजी क्लिनिक में मरीजों को देख रहे थे।

सरकारी अंगरक्षक ने खोली पोल

बिहार स्वास्थ्य विभाग ने पीएमसीएच के पूर्व प्राचार्य डॉ एनपी सिंह से जुड़े मामले में दूसरी बार प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। विभाग ने कहा है कि मामले की जांच के दौरान सरकारी अंगरक्षक का बयान भी दर्ज किया गया, जिसमें 23 जून की गतिविधियों का विस्तार से उल्लेख किया गया है। विभाग ने डॉ एनपी सिंह के सरकारी अंगरक्षक संजीत कुमार के बयान का हवाला देते हुए कहा है कि 23 जून को डॉ एनपी सिंह पूरे दिन अपने निजी क्लिनिक में मरीज देख रहे थे।

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सुबह करीब 11 बजे से मरीजों को देखना शुरू किया

बयान में 23 जून की गतिविधियों का विस्तृत उल्लेख किया गया है। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सरकारी अंगरक्षक संजीत कुमार ने बताया कि वह 23 जून की सुबह करीब 9.30 बजे डॉ एनपी सिंह के निजी क्लिनिक पहुंच गए थे। उनके अनुसार, सुबह करीब 11 बजे डॉ एनपी सिंह अपने घर के ऊपरी हिस्से से नीचे स्थित क्लिनिक में आए और मरीजों को देखना शुरू किया।

शाम करीब 6 बजे तक लगातार निजी क्लिनिक पर मरीजों को देखा

अंगरक्षक के बयान के मुताबिक, डॉ एनपी सिंह ने शाम करीब 6 बजे तक लगातार मरीजों का इलाज किया। इस दौरान लगभग 15 से 20 मरीज इलाज के लिए क्लिनिक पहुंचे। बयान में यह भी कहा गया है कि सुबह 9.30 बजे से लेकर शाम 6.30 बजे तक डॉ एनपी सिंह कहीं बाहर नहीं गए और अंगरक्षक पूरे समय उनके साथ मौजूद था।

जांच के दौरान सुना जाएगा डॉ एनपी सिंह का पक्ष

विभाग का कहना है कि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर की गई कार्रवाई सही पाई गई है। विभाग का कहना है कि इन्हीं तथ्यों के आधार पर डॉ एनपी सिंह के खिलाफ की गई प्रशासनिक कार्रवाई उचित मानी गई है। हालांकि, उच्च स्तरीय जांच के दौरान डॉ एनपी सिंह का पक्ष एक बार फिर सुना जाएगा।

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