कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए विदेश मंत्रालय (MEA) ने नई एडवाइजरी जारी की है। मंत्रालय ने स्पष्ट कहा है कि सभी जरूरी यात्रा दस्तावेज, वीजा और परमिट प्राप्त किए बिना कोई भी श्रद्धालु भारत से यात्रा शुरू न करे। ऐसा नहीं करने पर नेपाल या चीन सीमा पर फंसने की स्थिति बन सकती है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, हाल के दिनों में कई भारतीय नागरिक निजी टूर ऑपरेटरों के माध्यम से यात्रा पर निकले, लेकिन आवश्यक चीनी वीजा और तिब्बत यात्रा परमिट (TAR Permit) नहीं होने के कारण नेपाल के काठमांडू में फंस गए। फिलहाल करीब 52 भारतीय श्रद्धालु वहां सहायता का इंतजार कर रहे हैं।
मंत्रालय ने श्रद्धालुओं को सलाह दी है कि यात्रा से पहले यह सुनिश्चित करें कि उनका टूर ऑपरेटर अधिकृत और विधिवत पंजीकृत हो। साथ ही चीन का वैध वीजा और तिब्बत ऑटोनॉमस रीजन (TAR) का ट्रैवल परमिट पहले से प्राप्त कर लें। बिना इन दस्तावेजों के चीन में प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी।
इस वर्ष यात्रा के लिए कुछ नए और सख्त नियम भी लागू किए गए हैं। चीन के तिब्बत क्षेत्र में प्रत्येक यात्री केवल 20 किलोग्राम तक आवश्यक सामान ही ले जा सकेगा। इसके अलावा प्रत्येक दल को सामूहिक रूप से केवल 5 किलोग्राम अतिरिक्त वजन ले जाने की अनुमति होगी।
हर यात्री दल के साथ पांच सदस्यीय सर्विस टीम भी रहेगी, जिसमें एक डॉक्टर और चार रसोइये शामिल होंगे। यदि यात्रा के दौरान डॉक्टर किसी यात्री या पूरे दल की स्वास्थ्य स्थिति को जोखिमपूर्ण मानते हैं, तो पूरे समूह को वहीं से यात्रा समाप्त कर वापस लौटना होगा।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, कैलाश मानसरोवर यात्रा का पहला जत्था 30 जून को नई दिल्ली से रवाना होगा और 5 जुलाई को धारचूला बेस कैंप पहुंचेगा। मंत्रालय ने सभी श्रद्धालुओं से नियमों का पालन करने और पूरे दस्तावेजों के साथ ही यात्रा शुरू करने की अपील की है।

