पलामू – जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत की अध्यक्षता में सोमवार को समाहरणालय सभागार में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (SIR)-2026 के सफल संचालन को लेकर विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की कार्ययोजना, समय-सीमा, बीएलओ एवं बीएलए-2 की भूमिका तथा जनसहभागिता से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
उपायुक्त ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार झारखंड में 30 जून 2026 से 29 जुलाई 2026 तक विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं को एन्यूमरेशन फॉर्म उपलब्ध कराएंगे तथा भरे हुए प्रपत्रों को प्राप्त कर ECINET पोर्टल पर अपलोड करेंगे।
उन्होंने जानकारी दी कि 5 अगस्त 2026 को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद 4 सितंबर 2026 तक दावा एवं आपत्ति दर्ज कराने का अवसर मिलेगा तथा 7 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।
बैठक में उपायुक्त ने कहा कि मतदाता सूची को शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने में राजनीतिक दलों और उनके द्वारा नामित बीएलए-2 की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से प्रत्येक मतदान केंद्र पर बीएलए-2 की नियुक्ति सुनिश्चित करने और बीएलओ के साथ समन्वय बनाकर पुनरीक्षण कार्य को सफल बनाने की अपील की।
उन्होंने स्पष्ट किया कि एन्यूमरेशन के दौरान मतदाताओं से किसी प्रकार का दस्तावेज नहीं लिया जाएगा। वहीं, जो पात्र भारतीय नागरिक अब तक मतदाता सूची में शामिल नहीं हैं, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन कर अपना नाम जुड़वा सकेंगे।
उपायुक्त ने राजनीतिक दलों से मतदाता जागरूकता अभियान में सक्रिय सहयोग की भी अपील की। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक सही जानकारी पहुंचाई जाए तथा #JharkhandSIR अभियान को सफल बनाया जाए।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए शुद्ध एवं पारदर्शी मतदाता सूची आवश्यक है और इसके लिए प्रशासन, राजनीतिक दलों तथा आम नागरिकों की समान भागीदारी जरूरी है। बैठक में उप निर्वाचन पदाधिकारी सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

