जनरल उपेंद्र द्विवेदी मंगलवार को आर्मी चीफ के पद से रिटायर हो गए। उनकी जगह जनरल धीरज कुमार सेठ ने मंगलवार से भारत के नए सेना प्रमुख की जिम्मेदारी संभाल ली। सेठ भारत के 31वें आर्मी चीफ होंगे। उन्हें भारतीय सेना में लगभग चार दशक का अनुभव है।
तीन दशकों बाद आर्मर्ड कोर से आर्मी चीफ
जनरल धीरज कुमार सेठ के लिए सबसे खास बात ये है कि करीब तीन दशकों में वे आर्मर्ड कोर के पहले अधिकारी हैं, जिन्हें भारतीय सेना के नेतृत्व करने का अवसर मिल रहा है। इससे पहले जनरल शंकर रॉय चौधरी आर्मर्ड कोर के अंतिम अधिकारी थे, जिन्हें 1994 से लेकर 1997 के बीच सेना प्रमुख बनने का मौका मिला था। अभी तक आर्मी के वाइस चीफ रहे जनरल धीरज सेठ 31 अगस्त, 2028 तक इंडियन आर्मी चीफ रहेंगे।
चार दशकों के सैन्य करियर
जनरल धीरज सेठ ने दिसंबर 1986 में उन्होंने भारतीय सेना की बख्तरबंद कोर में कमीशन प्राप्त किया था। अपने चार दशकों के शानदार सैन्य करियर के दौरान, उन्होंने ऑपरेशनल, रणनीतिक, क्षमता विकास और संस्थागत क्षेत्रों में व्यापक अनुभव प्राप्त किया है। उनके इस अनुभव ने भारतीय सेना की युद्ध क्षमता और दीर्घकालिक परिवर्तन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
कई अहम सैन्य अभियानों की संभाली जिम्मेदारी
जनरल धीरज सेठ ने जम्मू-कश्मीर में उग्रवाद-विरोधी बल आर्मर्ड रेजिमेंट ‘स्किनर्स हॉर्स’ की अगुवाई की। वहीं पश्चिमी मोर्चे पर उन्होंने एक स्ट्राइक कोर (रेगिस्तानी सेक्टर) के अलावा वे साउथ वेस्टर्न कमांड और सदर्न कमांड की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। इस तरह से वे भारतीय सेना के ऐसे दुर्लभ अफसर हैं, जिन्होंने इन दोनों ऑपरेशनल कमांड की जिम्मेदारी संभाली है।
उत्तम युद्ध सेवा मेडल से सम्मानित
जनरल सेठ को जब लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर प्रमोशन मिला तो उन्होंने ‘सुदर्शन चक्र कोर’ की भी जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद वे दिल्ली एरिया के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) बने, जहां से उन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्री मिलिट्री ऑपरेशन की जवाबदेही संभाली। सोमवार (29 जून, 2026) को ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ के तौर पर उन्हें उत्तम युद्ध सेवा मेडल दिया है। उन्होंने सदर्न कमांड के आर्मर्ड कोर से आर्मी चीफ का पद संभाला है।

