डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: स्टील सिटी जमशेदपुर के बर्मामाइंस थाना क्षेत्र में देर रात एक ट्रक चालक पर हुए जानलेवा हमले के बाद स्थानीय चालकों और ड्राइवर यूनियन का गुस्सा फूट पड़ा है। वारदात के विरोध में मंगलवार सुबह बड़ी संख्या में ट्रक चालक और यूनियन के सदस्य बर्मामाइंस थाना पहुंचे और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। यूनियन ने पुलिस को ज्ञापन सौंपकर जहां आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है, वहीं रात के समय ड्राइवरों की सुरक्षा भगवान भरोसे होने पर गंभीर चिंता जताई है।
चापड़ और पिस्टल से लैस बदमाशों ने घेरा
मिली जानकारी के अनुसार सोमवार की देर रात करीब 1:30 से 2:00 बजे के बीच बर्मामाइंस थाना क्षेत्र के टीआरएफ कंपनी के पास यह दुस्साहसिक वारदात हुई। मुन्ना झा ट्रांसपोर्ट का ट्रक (नंबर- OD 09 A 3243) चलाने वाला चालक जय प्रकाश रजक अपने वाहन के पास मौजूद था। जय प्रकाश मूल रूप से पश्चिम बंगाल के बीरग्राम का निवासी है।
इसी दौरान एक वाहन से तीन अज्ञात नकाबपोश युवक वहां पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ित के अनुसार तीनों बदमाश चापड़ और पिस्टल जैसे घातक हथियारों से लैस थे। उन्होंने आते ही जय प्रकाश को घेर लिया और डरा-धमकाकर उसका मोबाइल फोन और नकद पैसे छीनने का प्रयास करने लगे।
लूट का विरोध करने पर ताबड़तोड़ वार, लहूलुहान हुआ ड्राइवर
जब जय प्रकाश रजक ने बहादुरी दिखाते हुए बदमाशों की इस करतूत का विरोध किया और अपनी आत्मरक्षा की कोशिश की, तो यह बात हमलावरों को नागवार गुजरी। बदमाशों ने उस पर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस जानलेवा हमले में चालक के शरीर पर कई गंभीर चोटें आई और वह बुरी तरह लहूलुहान हो गया।
गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद जय प्रकाश ने हिम्मत नहीं हारी और किसी तरह बदमाशों के चंगुल से भागकर अपनी जान बचाई। इसी बीच इलाके में गश्त कर रही बर्मामाइंस थाना पुलिस की नजर इस घायल चालक पर पड़ी।पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए उसे तुरंत अपने वाहन में बिठाया और साकची स्थित सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां फिलहाल उसका इलाज जारी है।
ड्राइवर यूनियन की मांग: नियमित गश्त बढ़े, संवेदनशील इलाकों में पुख्ता हो सुरक्षा
इस घटना से आक्रोशित ड्राइवर यूनियन के प्रतिनिधियों ने पुलिस प्रशासन को सौंपे ज्ञापन में कई अहम मांगें रखी हैं।
त्वरित कार्रवाई: हमले में शामिल तीनों आरोपियों की पहचान कर उन्हें चौबीस घंटे के भीतर गिरफ्तार किया जाए।
नाइट पेट्रोलिंग: रात के समय हाईवे और औद्योगिक क्षेत्रों में पुलिस की नियमित गश्त (पेट्रोलिंग) बढ़ाई जाए।
सुरक्षा व्यवस्था: बर्मामाइंस और आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के ऐसे पुख्ता इंतजाम हों ताकि बाहरी राज्यों से आने वाले चालक बेखौफ होकर काम कर सकें।
क्या कहती है पुलिस?
मामले की गंभीरता को देखते हुए बर्मामाइंस थाना पुलिस तुरंत एक्शन मोड में आ गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल और उसके आसपास के रूट पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। आरोपियों की पहचान के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस ने दावा किया है कि जल्द ही इस पूरे मामले का खुलासा कर अपराधियों को जेल भेजा जाएगा।

