हाईवा सहित 29 टन कोयला ज़ब्त, फिर भी अकेली पड़ गई खनन विभाग! जप्ती सूची बना वाहन लॉक कर लौटे वापस

KK Sagar
4 Min Read

धनबाद में अवैध कोयला कारोबार पर बड़ा प्रहार: 28.85 टन कोयला लदा हाइवा जब्त, कीमत करीब ₹1.5 लाख

धनबाद: बालू और स्टोन चिप्स के बाद अब जिला खनन विभाग ने अवैध कोयला परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 28.85 टन कोयला लदे एक हाइवा को जब्त किया है। जब्त किए गए कोयले की अनुमानित कीमत करीब डेढ़ लाख रुपये बताई जा रही है। जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को अवैध खनिज परिवहन के खिलाफ चल रहे अभियान का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

जिला खनन कार्यालय की ओर से जारी जब्ती सूची के अनुसार, 7 जुलाई 2026 को दोपहर 2:56 बजे कतरास थाना क्षेत्र के कतरास बाजार स्थित लाला संत एंथोनी स्कूल के समीप तालाब के पास वाहन संख्या RJ25 GA 7716 की जांच की गई। जांच के दौरान हाइवा में 28.85 टन कोयला लदा मिला।

बिना वैध दस्तावेज के हो रहा था कोयले का परिवहन

खान निरीक्षक ब्रह्मदेव यादव ने बताया कि वाहन चालक वैध परिवहन चालान अथवा अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 तथा झारखंड मिनरल्स (प्रिवेंशन ऑफ इल्लीगल माइनिंग, ट्रांसपोर्टेशन एंड स्टोरेज) संशोधन नियमावली, 2026 के तहत हाइवा और उसमें लदे कोयले को जब्त कर लिया गया।

थाना, CISF और BCCL से नहीं मिला सहयोग का आरोप

खान निरीक्षक ने बताया कि कोयला लदे वाहन को जब्त करने के बाद उसे सुरक्षित रखने में भी कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा। उनका कहना है कि इस दौरान न तो स्थानीय थाना से अपेक्षित सहयोग मिला और न ही सीआईएसएफ तथा बीसीसीएल के अधिकारियों से मदद मिल सकी।

खान निरीक्षक के अनुसार, मजबूरी में जब्त वाहन को सन साइन होटल के पीछे, न्यू आकाशकिनारी एरिया-3, गोविंदपुर स्थित बीसीसीएल परिसर के कांटा के पास खड़ा कर दिया गया। इसके बाद वे लौट गए और पूरे मामले की सूचना अपने वरीय अधिकारियों को दे दी। जब्त कोयले की अनुमानित कीमत करीब डेढ़ लाख रुपये बताई जा रही है।

आगे भी जारी रहेगा अभियान

जिला खनन विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध कोयला खनन और परिवहन के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। विभाग का कहना है कि खनिज संपदा की अवैध निकासी रोकने के लिए नियमित जांच और सख्त कार्रवाई आगे भी की जाएगी।

अब इस पूरे घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जब अवैध खनन और खनिज तस्करी के खिलाफ संयुक्त रूप से खनन टास्क फोर्स अभियान चला रही है, तो कार्रवाई के दौरान संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सहयोग क्यों नहीं मिला? यदि मौके पर समन्वय और सहयोग में कमी रहती है, तो इससे संयुक्त अभियान की प्रभावशीलता प्रभावित हो सकती है। वहीं, इस मामले में संबंधित एजेंसियों का पक्ष सामने आना भी महत्वपूर्ण होगा, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मौके पर सहयोग क्यों नहीं मिल पाया।

Share This Article
उत्कृष्ट, निष्पक्ष, पारदर्शिता और ईमानदारी - पत्रकारिता की पहचान है k k sagar....✍️....