बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने लंबे इंतजार के बाद अभिषेक सिन्हा उर्फ ‘बंटी’ को उम्मीदवार घोषित कर दिया है। टिकट की दौड़ में कई चर्चित और वरिष्ठ नेताओं के नाम चर्चा में थे, लेकिन अंत में पार्टी ने संगठन से निकले एक युवा चेहरे पर भरोसा जताया। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर अभिषेक बंटी ही क्यों?
27 सालों की मेहनत का फल?
अभिषेक कुमार सिन्हा को टिकट देने के पीछे कई कारण सामने आए हैं। वे पिछले 26-27 सालों से तन-मन से बीजेपी संग जुड़े हुए हैं। साधारण कार्यकर्ता के रूप में काम कर रहे हैं। वर्तमान में वह भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के उपाध्यक्ष हैं और पार्टी के विभिन्न संगठनात्मक पदों पर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर चुके हैं। अभिषेक कुमार इससे पहले पटना महानगर भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष रह चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने दो बार मंडल अध्यक्ष के रूप में संगठन का नेतृत्व किया है। संगठन में उनकी सक्रियता को देखते हुए उन्हें मंडल मंत्री और मंडल महामंत्री जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां भी सौंपी गई थीं। संगठनात्मक कार्यों के साथ-साथ अभिषेक कुमार सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय रहे। यही कारण है कि 31 साल इस सीट पर जीत रही भाजपा ने युवा चेहरे पर भरोसा जताया है।
14% कायस्थ वोट बैंक भी अहम फैक्टर
अभिषेक कुमार सिन्हा उर्फ अभिषेक बंटी को बांकीपुर जैसी हाई प्रोफाइल सीट से उम्मीदवार बनाए जाने के पीछे की एक वजह कायस्थ वोट बैंक भी माना जा रहा है। कायस्थ जाति से आते हैं और इस सीट पर पहले जो विधायक थे नितिन नवीन, वो भी कायस्थ जाति से ही आते हैं। जिस सीट पर उपचुनाव हो रहा है वह कायस्थ बहुल है। बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में कायस्थ समाज के मतदाताओं की हिस्सेदारी करीब 14 प्रतिशत मानी जाती है।
पुराने दांव पेंच से नई चुनावी चाल
बांकीपुर उप चुनाव को ले कर बीजेपी ने चुनावी समीकरण में कोई बदलाव नहीं किया। पार्टी ने कायस्थ जाति से उम्मीदवार दे कर अपने पुराने दांव पेंच से नई चुनावी चाल चल दी है। बांकीपुर गढ़ की सुरक्षा के समीकरण में 14 फीसदी कायस्थ वोटर के साथ साथ भूमिहार 7 फीसदी, ब्राह्मण 7 फीसदी, राजपूत 5 फीसदी। कायस्थ, ब्राह्मण, भूमिहार और राजपूत को जोड़ दें तो करीब 33% इस क्षेत्र में सवर्ण हैं जो बीजेपी के कोर वोटर माने जाते हैं। इसके साथ बीजेपी को चंद्रवंशी के 9 फीसदी, वैश्य समुदाय 9 फीसदी, दलित 8 फीसदी, कुर्मी 5 फीसदी और कुशवाहा समाज के 3 फीसदी वोट की भी उम्मीद है।
बांकीपुर में त्रिकोणीय मुकाबला होगा दिलचस्प
बांकीपुर उपचुनाव इस बार बेहद दिलचस्प होने वाला है। बीजेपी के अभिषेक सिन्हा बंटी का मुकाबला आरजेडी की रेखा गुप्ता और जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर से होगा। ऐसे में राजधानी पटना की यह हाईप्रोफाइल सीट बिहार की सबसे चर्चित चुनावी लड़ाइयों में शामिल हो गई है।

