डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: झारखंड के जमशेदपुर में पुलिस ने नकली सिगरेट के एक बहुत बड़े काले कारोबार का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने हूबहू असली जैसी दिखने वाली डुप्लीकेट सिगरेट का ऐसा जखीरा पकड़ा है, जिसकी कीमत बाजार में करीब 39 लाख रुपये आंकी जा रही है। इस पूरी कार्रवाई को पुलिस ने बेहद फिल्मी अंदाज में अंजाम दिया, जहां अधिकारी खुद ग्राहक बनकर आरोपियों को पकड़ने पहुंचे थे। मामले में दो सप्लायरों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि इस पूरे रैकेट के तीन मुख्य मास्टरमाइंड फिलहाल पुलिस को चकमा देकर फरार हैं।
पुलिस ने बिछाया जाल: कस्टमर बनकर पहुंचे अधिकारी
शहर में बड़े पैमाने पर नकली सिगरेट खपाने की गुप्त सूचना मिलने के बाद सीनियर एसपी के निर्देश पर एक स्पेशल टीम का गठन किया गया था। इस टीम का नेतृत्व सहायक पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय-1) ऋषभ त्रिवेदी कर रहे थे।
रणनीति के तहत पुलिस टीम ने मानगो के जवाहरनगर (रोड नंबर-17) स्थित केरला पब्लिक स्कूल के पीछे खुद ग्राहक बनकर जाल बिछाया। जैसे ही उवैद अंसारी और एहतेशाम शमीम नामक दो युवक स्कूटी से नकली सिगरेट की खेप पहुंचाने वहां पहुंचे, पहले से घात लगाए बैठी पुलिस ने उन्हें मौके पर ही दबोच लिया। तलाशी के दौरान उनकी स्कूटी से 500 पैकेट नकली सिगरेट बरामद हुई।
गोदाम पर रेड: 19 बोरों में भरी मिली 45,600 पैकेट सिगरेट
गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों ने पूछताछ में पुलिस के सामने इस काले धंधे का पूरा कच्चा चिट्ठा खोल दिया। उन्होंने बताया कि वे कपाली के इस्लामनगर स्थित एक गुप्त गोदाम से सिगरेट लाकर शहर की अलग-अलग दुकानों में सप्लाई करते थे। आरोपियों की निशानदेही पर जब पुलिस ने उस् गोदाम में छापेमारी की, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। गोदाम में प्लास्टिक के 19 बड़े बोरों में छिपाकर रखी गई 45,600 पैकेट डुप्लीकेट सिगरेट बरामद की गई।
मुख्य आरोपी फरार, तलाश जारी
सिटी एसपी ललित मीणा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह नकली सिगरेट शहर के स्वास्थ्य और राजस्व दोनों को भारी नुकसान पहुंचा रही थी। पुलिस ने इस कार्रवाई में कुल 39 लाख की सिगरेट और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही स्कूटी को जब्त कर लिया है। हालांकि इस अवैध गोदाम को संचालित करने वाले तीन मुख्य आरोपी—वली आजम, शहनवाज दानिश और एस.के. परवेज अभी फरार हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है और दावा है कि जल्द ही वे भी सलाखों के पीछे होंगे।

