डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर : झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले से सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को लेकर एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। जिला प्रशासन की मुस्तैदी और कड़े दिशा-निर्देशों का असर अब धरातल पर साफ दिखने लगा है। जून महीने के पूरा होते ही प्रशासन ने डीबीटी के माध्यम से लाखों लाभार्थियों के खातों में सीधे पैसे ट्रांसफर कर दिए हैं, जिससे न सिर्फ पारदर्शिता बढ़ी है बल्कि बिचौलियों का खेल भी पूरी तरह खत्म हो गया है। जिला प्रशासन द्वारा सभी योजनाओं की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े पात्र व्यक्तियों को समय पर उनका हक मिल सके।
मंईयां सम्मान योजना: महिलाओं को मिला सीधा संबल
झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत पूर्वी सिंहभूम जिले की महिलाओं को बड़ी राहत मिली है। जिले की 2,85,704 महिला लाभार्थियों के बैंक खातों में जून माह तक की सम्मान राशि डीबीटी के माध्यम से सफलतापूर्वक हस्तांतरित कर दी गई है। समय पर मिली इस राशि से महिला स्वावलंबन को काफी मजबूती मिल रही है।
सर्वजन पेंशन योजना: समाज के हर जरूरतमंद तक पहुंची राहत
पेंशन के लिए अब बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ रहे हैं। जिले में सर्वजन पेंशन योजना के तहत कुल 2,48,021 लाभार्थियों को जून माह तक का भुगतान कर दिया गया है। प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक इस योजना का लाभ समाज के अलग-अलग वर्गों को मिला है।
वृद्धावस्था पेंशन: सबसे अधिक 1,76,299 बुजुर्गों को राज्य सामाजिक सुरक्षा वृद्धावस्था पेंशन का लाभ मिला है।
विधवा सम्मान: जिले की 46,607 महिलाओं के खाते में राज्य विधवा सम्मान पेंशन राशि भेजी गई है।
दिव्यांग प्रोत्साहन: स्वामी विवेकानंद नि:शक्त स्वावलंबन प्रोत्साहन योजना के तहत 18,247 दिव्यांगों को वित्तीय सहायता पहुंचाई गई है।
विशेष वर्ग और अन्य: आदिम जनजाति पेंशन योजना के 6,042, आंतरिक रूप से विस्थापित (इंटरनली डिस्प्लेस्ड) पेंशन योजना के 819 तथा थर्ड जेंडर पेंशन योजना के 7 लाभार्थियों को भी जून महीने की राशि का भुगतान कर दिया गया है।
समय पर भुगतान के लिए प्रशासन सख्त
अक्सर सरकारी योजनाओं में राशि लटकने या देरी होने की शिकायतें आती हैं, लेकिन पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन इस मामले में पूरी तरह गंभीर है। अधिकारियों का कहना है कि सभी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि किसी भी पात्र व्यक्ति को लाभ से वंचित न रहना पड़े। डीबीटी के इस पारदर्शी सिस्टम और समय पर हुए भुगतान से जिले के लाखों लाभार्थियों के चेहरे खिल उठे हैं।

