​करोड़ों का ‘हरा कंचा’ और 3 तस्कर रंगे हाथ ढेर! बहरागोड़ा पुलिस ने ऐसे किया इंटरनेशनल रैकेट का पर्दाफाश

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले की बहरागोड़ा थाना पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय रत्न तस्करी रैकेट को ध्वस्त करते हुए तीन शातिर तस्करों को रंगे हाथों दबोचा है। पुलिस ने इन तस्करों के पास से अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग 1.50 करोड़ रुपये मूल्य का कीमती हरा पन्ना बरामद किया है। इस बड़ी कामयाबी के बाद पुलिस अब इस अंतरराज्यीय गिरोह के पूरे नेटवर्क और इसके ओडिशा कनेक्शन को खंगालने में जुट गई है।

गुप्त सूचना पर पुलिस ने बिछाया जाल, घेराबंदी कर दबोचा
​जमशेदपुर के एसएसपी कार्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान पुलिस अधिकारियों ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि बहरागोड़ा पुलिस को क्षेत्र में कीमती रत्नों की अवैध खरीद-बिक्री और तस्करी के लिए कुछ संदिग्धों के जुटने की सटीक गुप्त सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस ने बिना वक्त गंवाए एक विशेष टीम का गठन किया। इस स्पेशल टीम ने इलाके में रणनीतिक रूप से घेराबंदी की और तीन संदिग्धों को धर दबोचा। तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से 1.095 ग्राम वजन का पन्ना, तस्करी में इस्तेमाल की जा रही दो मोटरसाइकिलें और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए।

ये तस्कर चढ़े पुलिस के हत्थे, दो मुख्य सरगनाओं की तलाश जारी
विनय पातर (निवासी: मूराकाटी, गुड़ाबांधा)
​सिदेश्वर (निवासी: मूराकाटी, गुड़ाबांधा)
​स्नेहाशीष मांगराज (निवासी: श्यामसुंदरपुर)

ओडिशा कनेक्शन और फरार आरोपी
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस पूरे खेल के पीछे ओडिशा के मयूरभंज जिले के झाड़पोखरिया का रहने वाला नित्यानंद साहू और एक अन्य स्थानीय बड़ा रत्न कारोबारी शामिल हैं। ये दोनों फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।

कॉल डिटेल और कड़ियों को जोड़ने में जुटी पुलिस
​बहरागोड़ा थाना में अंचलाधिकारी की शिकायत के आधार पर सभी आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब पकड़े गए आरोपियों के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड और डिजिटल फुटप्रिंट्स की तकनीकी जांच कर रही है। पुलिस का मुख्य फोकस इस बात पर है कि यह पन्ना आखिर किस अवैध खदान से निकाला गया था? ओडिशा और झारखंड के रास्ते इसे देश या विदेश के किन बड़े शहरों में सप्लाई किया जाना था? ​इस पूरे सिंडिकेट को फाइनेंस कौन कर रहा था?

प्रशासन का कड़ा रुख
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में प्राकृतिक संपदा की लूट और अवैध रत्नों के इस काले कारोबार के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

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