जमशेदपुर मलेरिया ब्लास्ट: 2 हफ्ते, 1 लाख टेस्ट और 1895 पॉजिटिव! देखें अपने ब्लॉक का हाल

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के घाटशिला सब-डिवीजन और आसपास के इलाकों में मलेरिया का प्रकोप तेजी से पैर पसार रहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग बड़े पैमाने पर जांच और इलाज अभियान चला रहा है। पिछले दो सप्ताह के भीतर जिले में 1,04,459 लोगों की मलेरिया जांच की जा चुकी है, जिसमें से कुल 1,895 लोग पॉजिटिव पाए गए हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित इलाका पोटका ब्लॉक बना हुआ है, जहां अकेले रविवार को ही मलेरिया के 33 नए मरीज सामने आए हैं।

ब्लॉक अनुसार संक्रमण के आंकड़े: कहां कितने मरीज?
​रविवार को जिले भर में कुल 11,184 संदिग्धों की मलेरिया जांच की गई, जिसमें कुल 69 नए मरीज पॉजिटिव मिले।
​पोटका: 33 मरीज (सबसे ज्यादा प्रभावित)
​घाटशिला: 13 मरीज
​मुसाबनी: 12 मरीज
​डुमरिया: 06 मरीज
​पटमदा: 04 मरीज
​धालभूमगढ़: 01 मरीज

स्वास्थ्य विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती: मरीज नहीं खा रहे दवा
​अधिकारियों के मुताबिक अभियान में सबसे बड़ी बाधा मरीजों द्वारा दवा का नियमित सेवन न करना है। पोटका के एएनएम, सीएचओ और सहियाओं के लिए यह एक बड़ी चुनौती बन गया है।

सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल का सख्त निर्देश
सर्वे के दौरान कई ऐसे मरीज मिल रहे हैं जो दवा तो ले लेते हैं, लेकिन उसका नियमित कोर्स पूरा नहीं करते। सहिया और स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश दिया गया है कि वे मरीजों को अपने सामने दवा खिलाएं। जो मरीज दवा खाने से इनकार करेंगे या लापरवाही बरतेंगे, उन पर सख्त नजर रखी जाएगी। ​सिविल सर्जन ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर कोई स्वास्थ्य कर्मी अपने क्षेत्र के मरीजों की ट्रैकिंग करने में विफल रहता है, तो उसके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। विभाग का लक्ष्य आगामी कुछ महीनों में इन क्षेत्रों को मलेरिया मुक्त (शून्य केस) बनाना है।

MGM अस्पताल में गंभीर बच्चों का चल रहा इलाज
​मलेरिया का असर बच्चों पर भी देखा जा रहा है। जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल के शिशु रोग विभाग में रविवार को दो और गंभीर बच्चों को भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों में प्लाज्मोडियम फैल्सीपेरम की पुष्टि की है।
​वर्तमान में एमजीएम के पीआईसीयू वार्ड में मलेरिया से पीड़ित 14 बच्चों का इलाज चल रहा है, जिनमें से 7 की हालत नाजुक है। वहीं सदर अस्पताल में भी 40 से अधिक मरीजों का इलाज जारी है।

आम जनता के लिए स्वास्थ्य विभाग की अपील
​सिविल सर्जन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे मलेरिया के लक्षणों को हल्के में न लें।
तुरंत जांच कराएं: हल्का बुखार आने पर भी स्वयं दवा लेने के बजाय नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाकर मुफ्त जांच कराएं।
पानी जमा न होने दें: घरों के आसपास या टायरों/कूलरों में पानी इकट्ठा न होने दें।
मच्छरदानी का प्रयोग: रात में सोते समय अनिवार्य रूप से मच्छरदानी का उपयोग करें।
सहयोग करें: स्वास्थ्य विभाग की टीमों को सर्वे और फॉगिंग कार्य में पूरा सहयोग दें।

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