नशे की लत पूरी करने के लिए काटते थे रेलवे का सिग्नल केबल, 3 मीटर केबल और 1.5 किलो कॉपर तार बरामद
धनबाद: रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने धनबाद मंडल में रेलवे संपत्ति की चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। कतरास-निचितपुर लिंक लाइन से रेलवे के सिग्नल विभाग का कॉपर केबल चोरी करने के आरोप में एक युवक और चोरी का माल खरीदने वाले कबाड़ी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि इस मामले में शामिल दो नाबालिगों को निरुद्ध कर बाल सुधार गृह भेज दिया गया। कार्रवाई के दौरान चोरी का 3 मीटर सिग्नल कॉपर केबल, 1.5 किलोग्राम जला हुआ कॉपर तार और केबल काटने में इस्तेमाल किया गया हेक्सा ब्लेड बरामद किया गया।
RPF अधिकारियों के अनुसार, 12 जुलाई को धनबाद पोस्ट की टीम कतरास क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान कतरास स्टेशन से निचितपुर लिंक लाइन के किलोमीटर पोल संख्या NK-3/15 के पास एक युवक और दो नाबालिग संदिग्ध अवस्था में रेलवे का सिग्नल कॉपर केबल लेकर पकड़े गए।
पूछताछ में गिरफ्तार प्रिंस भुईयां (24) और दोनों नाबालिगों ने स्वीकार किया कि वे नशे के आदी हैं और नशे के लिए पैसे जुटाने की खातिर रेलवे का कॉपर केबल काटकर चोरी करते थे। चोरी के बाद केबल को जलाकर उसमें से निकला तांबा कतरास के मस्जिद रोड स्थित महेंद्र कुमार गुप्ता को बेच देते थे।
आरोपियों ने यह भी खुलासा किया कि एक दिन पहले भी उन्होंने उसी स्थान से केबल काटकर तांबा निकाला था और उसे 220 रुपये में बेच दिया था। इसके बाद RPF टीम ने कतरास पुलिस के सहयोग से महेंद्र कुमार गुप्ता के घर और उसकी निशानदेही पर कतरी नदी के पास झाड़ियों में छिपाकर रखा गया करीब 1.5 किलोग्राम जला हुआ कॉपर तार बरामद कर लिया।
पूछताछ में महेंद्र कुमार गुप्ता ने स्वीकार किया कि वह कम कीमत पर चोरी का कॉपर खरीदकर अधिक दाम पर बेचता था। इसके बाद उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया।
RPF ने इस मामले में रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट धनबाद कांड संख्या-20/26 दर्ज कर रेलवे संपत्ति (अवैध कब्जा) अधिनियम की धारा 3 के तहत कार्रवाई शुरू की है। दोनों गिरफ्तार आरोपियों को रेलवे न्यायिक दंडाधिकारी के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वहीं दोनों नाबालिगों को बाल सुधार गृह भेज दिया गया।
रेलवे सुरक्षा बल ने कहा कि रेलवे की संपत्ति की सुरक्षा और सिग्नल प्रणाली से छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। रेलवे के सिग्नल केबल की चोरी न केवल सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि ट्रेन परिचालन और यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करती है।

