बंटी यादव हत्याकांड में बड़ी कार्रवाई, 1 दारोगा समेत 4 पुलिसकर्मी सस्पेंड, जानें पूरा मामला

Neelam
By Neelam
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पटना जंक्शन से अपहृत युवक बंटी यादव की हत्या मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। ड्यूटी में घोर लापरवाही बरतने के आरोप में एक एएसआई समेत चार पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया गया है। विभागीय जांच में लापरवाही सामने आने के बाद इन पर कार्रवाई की गई है।

विभागीय जांच के आधार पर कार्रवाई

सेंट्रल एसपी ममता कल्याणी ने विभागीय जांच के आधार पर यह कार्रवाई की है। शुरुआती जांच में पाया गया कि अपहरण के समय संबंधित पुलिसकर्मी घटनास्थल के आसपास मौजूद थे, लेकिन उन्होंने समय पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की। जिससे मामले को लेकर पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठे।

घटनास्थल से महज 100 मीटर के दायरे में थे तैनात

बताया जा रहा है कि 6 जुलाई की रात जब बंटी यादव का अपहरण किया जा रहा था, तब ये सभी पदाधिकारी घटनास्थल से महज 100 मीटर के दायरे में ही मौजूद थे। ये सभी गश्ती दल और डायल-112 की ड्यूटी पर तैनात थे। इतनी नजदीकी के बावजूद इन्हें वारदात की भनक तक नहीं लगी, जिसे ड्यूटी के प्रति घोर लापरवाही माना गया है।

निलंबित पुलिसकर्मियों को तीन दिन में देना होगा जवाब

अब निलंबित सभी पुलिसकर्मियों को तीन दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है। विभागीय जांच आगे भी जारी रहेगी और जवाब के आधार पर अगली कार्रवाई की जाएगी। जिन पुलिसवालों पर एक्शन हुआ है उनमें एएसआई प्रवीण कुमार पंकज, एएसआई अवधेश कुमार, एएसआई वीर बहादुर सिंह और गृह रक्षक सुदर्शन प्रसाद को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

क्या है पूरा मामला?

बंटी यादव का अपहरण 6 जुलाई को पटना जंक्शन स्थित प्रसिद्ध महावीर मंदिर के पास से हुआ था। इस सनसनीखेज किडनैपिंग के पांचवें दिन, यानी 11 जुलाई को पुलिस ने बंटी का शव पटना जंक्शन से करीब 60 किलोमीटर दूर अथमलगोला इलाके से बरामद किया। बरामदगी के वक्त बंटी यादव का शव क्षत-विक्षत स्थिति में था। हत्यारों ने उसका चेहरा बुरी तरह से कूच दिया था। पूरे शरीर पर चोट के काले निशान थे और बॉडी गलनी शुरू हो चुकी थी।

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