पटना हाई कोर्ट ने हाल ही में एक बेहद अहम फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने बांका जिले के एक पुराने मामले की सुनवाई करते हुए ने स्पष्ट किया कि किसी युवती को बंधक बनाना, उसकी छाती दबाना और सलवार उतारने का प्रयास करना भारतीय दंड संहिता में दुष्कर्म के प्रयास की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। इस टिप्पणी के साथ कोर्ट ने आरोपी को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। अब पटना हाई कोर्ट के इस फैसले पर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने गहरी हैरानी और कड़ी आपत्ति जताई है।
फैसले देने से पहले रिसर्च करने की नसीहत
पटना हाई कोर्ट के इस विवादित फैसले का मामला मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में उठा। मामला चीफ जस्टिस सूर्यकांत की बेंच के समक्ष इस मामले को रखा गया। इस पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने हैरानी जताते हुए नाराजगी जाहिर की। यही नहीं मुख्य न्यायाधीश ने यह भी कहा कि जजों को कुछ रिसर्च करनी चाहिए।
न्यायिक संवेदनशीलता की कमी पर जताई चिंता
सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक संवेदनशीलता की कमी पर चिंता व्यक्त की है। चीफ जस्टिस ने कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों में जजों को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। अदालतों को लैंगिक अपराधों के मामलों में ऐसी टिप्पणियां करने से बचना चाहिए। शीर्ष अदालत ने राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी कमेटी की एक रिपोर्ट का भी जिक्र किया। यह रिपोर्ट विशेष रूप से न्यायिक संवेदनशीलता पर ही तैयार की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि यौन अपराधों से जुड़ी इस रिपोर्ट को सभी उच्च न्यायालयों की वेबसाइट पर तुरंत अपलोड किया जाए।
क्या था पटना हाई कोर्ट का फैसला?
बता दें कि पटना हाई कोर्ट के जज पूर्णेंदु सिंह ने 9 जुलाई को फैसला सुनाया कि यदि किसी व्यक्ति ने महिला का सलवार उतारने का प्रयास किया था और उसकी छाती दबाई थी तो यह महिला की शालीनता भंग करने का अपराध है। इसे बलात्कार का प्रयास नहीं माना जाएगा। पटना उच्च न्यायालय ने यह टिप्पणी बलात्कार के प्रयास के एक मामले में एक व्यक्ति की सजा को रद्द करते हुए की थी। यह मामला 2008 की एक घटना से जुड़ा है, जिसमें एक महिला ने आरोप लगाया था कि वह अपने पिता के साथ अमरपुर में एक फोटोग्राफी स्टूडियो गई थी। पीड़ित पक्ष का कहना था कि महिला की तस्वीर लेने के बाद स्टूडियो मालिक ने कंप्यूटर पर फोटो देखने के बहाने उसके पिता को बाहर इंतजार करने के लिए कहा था। इसके बाद अंदर से स्टूडियो का दरवाजा बंद कर दिया। उसका सलवार उतारने का प्रयास किया और रेप के इरादे से उसकी छाती दबाई। उसकी चीखें सुनकर उसके पिता दरवाजे की तरफ भागे, जिसके बाद आरोपी वहां से फरार हो गया।

