डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और जनहित के मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समाहरणालय सभागार में आयोजित जिला समन्वय समिति की बैठक में उपायुक्त राजीव रंजन ने यह सख्त रुख अपनाया। बैठक में जहां विभिन्न विभागों के लंबित मामलों की बिंदुवार समीक्षा की गई, वहीं प्राथमिक विद्यालय मिठाईझरना (पोटका) में पेयजल उपलब्ध कराने में लापरवाही बरतने पर पेयजल व स्वच्छता प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को कारण बताओ नोटिस (शो-कॉज) जारी करने का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि विभागों के बीच बेहतर तालमेल से ही आम जनता तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाया जा सकता है।
पेयजल संकट का त्वरित समाधान करने का हुक्म
बैठक में बच्चों की बुनियादी सुविधाओं, विशेषकर पेयजल पर विशेष जोर दिया गया।
कस्तूरबा स्कूल, डुमरिया: यहां पेयजल की समस्या को दूर करने के लिए तत्काल जलमीनार के माध्यम से जलापूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया।
प्राथमिक विद्यालय शिशाखून (चाकुलिया): यहां के वाटर क्राइसिस का भी शीघ्र समाधान करने का निर्देश मिला।
15वां वित्त आयोग: उपायुक्त ने निर्देश दिया कि 15वें वित्त आयोग के टाइड फंड का इस्तेमाल प्राथमिकता के आधार पर चापाकल, जलमीनार और पेयजल स्रोतों की मरम्मत के लिए किया जाए।
वनाधिकार और छात्रों के बैंक खातों पर फोकस
वनाधिकार अधिनियम : लंबित आवेदनों पर नाराजगी जताते हुए डीसी ने अनुमंडल पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि अनुमंडल स्तरीय समिति से मामलों का तुरंत निष्पादन कर फाइलें जिला मुख्यालय भेजें, ताकि पात्र लोगों को वन पट्टा मिल सके।
छात्रों के बैंक खाते: जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला शिक्षा अधीक्षक को लीड बैंक मैनेजर के साथ मिलकर सभी पात्र विद्यार्थियों के बैंक खाते जल्द से जल्द खुलवाने का जिम्मा सौंपा गया है, जिससे छात्रवृत्ति व अन्य योजनाओं की राशि सीधे उनके खातों में जा सके।
एमजीएम मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य न हो प्रभावित
एमजीएम मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में चल रहे इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने निर्माण एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य इस तरह से चले कि मेडिकल कॉलेज की शैक्षणिक गतिविधियां (क्लासेस) बिल्कुल प्रभावित न हों।
इन महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी दिए गए कड़े निर्देश
जन्म प्रमाण पत्र: शत-प्रतिशत बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र बनाने के लिए सभी बीडीओ को पंचायत स्तर पर विशेष शिविर लगाने को कहा गया है। पंचायत सेवकों से यह सर्टिफिकेट लिया जाएगा कि उनके क्षेत्र में कोई भी बच्चा इससे वंचित नहीं है।
अतिक्रमण और जर्जर भवन: स्कूल परिसरों में खतरनाक पेड़ों की छंटनी और जर्जर घोषित हो चुके सरकारी भवनों को ध्वस्त करने की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा गया। वहीं एनएचएआई की सड़कों से अतिक्रमण हटाने के लिए संबंधित सीओ को एक्शन लेने का निर्देश दिया गया।
प्रवासी श्रमिकों को मुआवजा: बहरागोड़ा, मुसाबनी और घाटशिला में मृत प्रवासी श्रमिकों के आश्रितों को अनुग्रह राशि देने के लिए बीडीओ को दस्तावेजों का जल्द सत्यापन कर मुआवजा देने की प्रक्रिया तेज करने को कहा गया।
सभी पदाधिकारी अपने-अपने विभागों के लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करें। नियमित संवाद और बेहतर समन्वय से ही सरकारी योजनाओं का लाभ समय सीमा के भीतर आम नागरिकों तक पहुंचाया जा सकता है।

