डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: जमशेदपुर के प्रसिद्ध डिमना लेक में एमजीएम मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के दो जूनियर डॉक्टरों के शव मिलने के सनसनीखेज मामले में नया और बड़ा मोड़ आ गया है। इसे महज एक दुर्घटना मानने के बजाय अब हत्या की साजिश के कोण से देखा जा रहा है। काशीडीह निवासी मृतक डॉक्टर समीर कुमार सिंह के पिता अजय कुमार लाल ने बोड़ाम थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराकर आरोप लगाया है कि उनके बेटे की सोची-समझी साजिश के तहत हत्या की गई है। इस मामले में साथी इंटर्न डॉक्टर यश और उनके अन्य सहयोगियों को नामजद आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की आपराधिक जांच शुरू कर दी है।
क्या है हत्या का आरोप?
शिकायतकर्ता अजय कुमार लाल के अनुसार 26 वर्षीय डॉ. समीर कुमार एमजीएम अस्पताल में इंटर्नशिप कर रहे थे। घटना से एक दिन पहले डॉ. समीर और आरोपी डॉक्टर यश के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस हुई थी। आरोप है कि 23 जुलाई की रात लगभग 2 बजे बी-शिफ्ट की ड्यूटी खत्म कर जब समीर अपने हॉस्टल के कमरे में पहुंचे, तो डॉ. यश उन्हें बहला-फुसलाकर डिमना लेक ले गया। आरोप के मुताबिक डिमना लेक पर पहले से मौजूद यश के अन्य साथियों ने मिलकर समीर की हत्या कर दी और साक्ष्य छुपाने की नीयत से शव को गहरे पानी में फेंक दिया। परिजनों ने डॉ. यश और उनके सहयोगियों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
दूसरे मृतक डॉक्टर के पिता को भी हत्या का संदेह
इससे पहले पलामू जिले के रहने वाले दूसरे मृतक डॉक्टर सक्षम सिंह के पिता सत्येंद्र कुमार सिंह भी बेटे की मौत पर गहरा संदेह जता चुके हैं। उनकी शिकायत पर पुलिस ने शनिवार को अस्वाभाविक मौत का मामला दर्ज किया था। उन्होंने भी पूरे मामले की निष्पक्ष, गहन और वैज्ञानिक जांच की मांग की है।
4 जूनियर डॉक्टरों से पूछताछ, एकमात्र प्रत्यक्षदर्शी है डॉ. यश
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तफ्तीश तेज कर दी है। घटना का एकमात्र प्रत्यक्षदर्शी डॉ. यश को ही माना जा रहा है। बोड़ाम थाना पुलिस ने डॉ. यश का बयान दर्ज कर लिया है। इसके अलावा यश और उसके दोस्त सचिन समेत कुल चार जूनियर डॉक्टरों से सघन पूछताछ की गई है।

