डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: डिमना लेक में दो जूनियर डॉक्टरों की दुखद मौत के बाद एमजीएम कॉलेज प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गया है। हॉस्टल में छात्रों की सुरक्षा और अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए प्रबंधन ने निगरानी व्यवस्था को बेहद सख्त कर दिया है। इसी कड़ी में चीफ वार्डन डॉ. उमाशंकर सिंह के निर्देश पर वार्डन डॉ. निर्मल गाडिया ने हॉस्टल का सरप्राइज औचक निरीक्षण किया।
सुरक्षा व्यवस्था होगी और भी पुख्ता
नए CCTV कैमरे: पूरे हॉस्टल परिसर की पल-पल निगरानी के लिए नए उच्च क्षमता वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं।
लाइटिंग व्यवस्था: बारिश के मौसम और अंधेरे का फायदा उठाकर होने वाली अनहोनी या घुसपैठ रोकने के लिए कम रोशनी वाली जगहों पर अतिरिक्त हाई-पावर लाइट्स लगाई जाएंगी।
नाइट लॉकडाउन: रात के समय हॉस्टल के मुख्य द्वारों की सही समय पर बंदी और गार्ड की मुस्तैदी की विशेष जांच की जा रही है।
गाड़ियों के प्रवेश पर लगा प्रतिबंध
कॉलेज प्रशासन ने हॉस्टल परिसर के भीतर छात्रों द्वारा वाहन लाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। निरीक्षण के दौरान यह विशेष रूप से देखा गया कि कोई छात्र नियमों का उल्लंघन कर गाड़ियां अंदर तो नहीं ला रहा।
पढ़ाई के माहौल और सफाई पर भी ध्यान
छात्रों की सुरक्षा के साथ-साथ उनके अध्ययन और स्वास्थ्य मानकों को सुधारने की भी पहल की गई है।
स्टडी रूम का अपग्रेडेशन: छात्रों को पढ़ाई में सहूलियत देने के लिए स्टडी रूम में 40 नई कुर्सियां उपलब्ध कराई गई हैं।
सफाई अभियान: हॉस्टल में साफ-सफाई और स्वच्छता की स्थिति का भी निरीक्षण किया गया ताकि छात्रों को सेहतमंद माहौल मिल सके।
प्रबंधन का साफ कहना है कि छात्रों की सुरक्षा और हॉस्टल के अनुशासन से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा।

